वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 29 जनवरी 2026 को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान लगाया गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 6.5% से अधिक है। नियामकीय सुधारों और मज़बूत आर्थिक आधार के बल पर वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि 6.8-7.2% रहने का अनुमान है।

खुदरा मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2024-25 के 4.6% से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-दिसंबर में 1.7% रह गई। अप्रैल-नवंबर 2025 में सकल FDI प्रवाह 64.7 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि अप्रैल-नवंबर 2024 में यह 55.8 अरब अमेरिकी डॉलर था। चालू खाते का घाटा GDP के 0.8% पर सीमित रहा। विदेशी मुद्रा भंडार 11 महीने से अधिक के आयात खर्च के बराबर था। केंद्र सरकार ने राजकोषीय घाटा GDP के 4.5% से नीचे रखा। पहचाने गए 828 सुधारों में से 630 (76%) जनवरी 2026 तक लागू किए जा चुके थे। सर्वेक्षण ने घरेलू मांग, सेवा क्षेत्र की वृद्धि और विनिर्माण क्षेत्र की मज़बूती को आर्थिक वृद्धि के प्रमुख कारक बताया।