भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में अपेक्षित 7.8% से अधिक तेजी से बढ़ा। इसके पीछे मजबूत निजी उपभोग, विनिर्माण उत्पादन और निवेश गतिविधि प्रमुख कारण रहे। पूरे वित्त वर्ष FY2026 के लिए GDP वृद्धि 7.4-7.6% रहने का अनुमान IMF और RBI सहित कई एजेंसियों ने लगाया है। मार्च 2026 के मध्य तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹22.80 लाख करोड़ रहा और पिछले साल की तुलना में 7.19% बढ़ा। सरकार के ₹11.1 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय ने बुनियादी ढांचे की विकास गति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।