23 जनवरी 2026 को भारत के सर्वाधिक सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों में से एक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस मनाया गया। संस्कृति मंत्रालय ने 23 से 25 जनवरी तक श्री विजय पुरम (पूर्व नाम पोर्ट ब्लेयर), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्मृति समारोह आयोजित किए। ऐसे समारोह देशभर के 13 अन्य प्रमुख स्थलों पर भी हुए, जो नेताजी के जीवन और विरासत से जुड़े हैं। इनमें आज़ाद हिंद फ़ौज के स्मारक स्थल भी शामिल थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी दिन केरल के तिरुवनंतपुरम का दौरा किया। वहाँ उन्होंने तिरुवनंतपुरम-तांबरम, तिरुवनंतपुरम-हैदराबाद और नागरकोइल-मैंगलुरु को जोड़ने वाली तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ गुरुवायूर-त्रिशूर यात्री ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। इन नई रेल सेवाओं से दक्षिण भारत के लाखों यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय अंतर्विषयी विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-NIIST) के नवाचार केंद्र और श्री चित्रा तिरुनल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी केंद्र की आधारशिला भी रखी।

भारत सरकार ने नेताजी के अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनकी निःस्वार्थ सेवा का सम्मान करने के लिए 2021 में पराक्रम दिवस की शुरुआत की थी। यह दिवस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में नेताजी के योगदान की याद दिलाता है। आज़ाद हिंद फ़ौज और आज़ाद हिंद सरकार का नेतृत्व इस योगदान का प्रमुख हिस्सा था।