प्रकाशित: 10 दिसंबर 2025PIBटॉपिक
भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल यात्री जहाज की वाणिज्यिक सेवा वाराणसी में शुरू
केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 दिसंबर 2025 को वाराणसी के नमो घाट पर भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल यात्री जहाज को हरी झंडी दिखाई। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा विकसित यह जहाज कम तापमान वाली PEM फ्यूल सेल तकनीक पर चलता है। इसमें शून्य उत्सर्जन होता है और उप-उत्पाद के रूप में केवल पानी निकलता है।
यह जहाज पूरी तरह एयर-कंडीशनिंग सुविधा के साथ 50 यात्रियों को ले जा सकता है और एक बार हाइड्रोजन भरने पर लगभग 8 घंटे चल सकता है। इसकी पहली वाणिज्यिक यात्रा नमो घाट से ललिता घाट तक 5 किमी की थी। इससे वाराणसी अंतर्देशीय जलमार्गों पर हाइड्रोजन-संचालित यात्री परिवहन अपनाने वाले दुनिया के पहले शहरों में से एक बनेगा।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 11 दिसंबर 2025 को वाराणसी में शुरू भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल यात्री जहाज के तकनीकी एवं नीतिगत महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 दिसंबर 2025 को कोचीन शिपयार्ड निर्मित स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल जहाज वाराणसी के नमो घाट से रवाना किया। कम तापमान वाली पीईएम फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित 50 यात्री, शून्य उत्सर्जन जहाज एक रीफिल में आठ घंटे चलता है और राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर हरित हाइड्रोजन मिशन को आगे बढ़ाता है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
वाराणसी में हाइड्रोजन फ्यूल सेल जहाज किस जलमार्ग पर चलता है?
व्याख्या · सही उत्तर Bहाइड्रोजन फ्यूल सेल जहाज गंगा (राष्ट्रीय जलमार्ग 1) पर चलता है, इसकी पहली यात्रा वाराणसी में नमो घाट से ललिता घाट तक थी।