केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 11 दिसंबर 2025 को वाराणसी के नमो घाट पर भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल यात्री जहाज को हरी झंडी दिखाई। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा विकसित यह जहाज कम तापमान वाली PEM फ्यूल सेल तकनीक पर चलता है। इसमें शून्य उत्सर्जन होता है और उप-उत्पाद के रूप में केवल पानी निकलता है।

यह जहाज पूरी तरह एयर-कंडीशनिंग सुविधा के साथ 50 यात्रियों को ले जा सकता है और एक बार हाइड्रोजन भरने पर लगभग 8 घंटे चल सकता है। इसकी पहली वाणिज्यिक यात्रा नमो घाट से ललिता घाट तक 5 किमी की थी। इससे वाराणसी अंतर्देशीय जलमार्गों पर हाइड्रोजन-संचालित यात्री परिवहन अपनाने वाले दुनिया के पहले शहरों में से एक बनेगा।