विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने 6 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में भारत-नीदरलैंड हाइड्रोजन फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किया। ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय (नीदरलैंड) और 19 भारतीय IIT के बीच ग्रीन हाइड्रोजन पर सहयोगी अनुसंधान के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इस कार्यक्रम में भारतीय पीएचडी शोधार्थी, पोस्टडॉक शोधकर्ता और संकाय सदस्य भाग ले सकते हैं। इसका फोकस हाइड्रोजन प्रणालियों के एकीकरण, सुरक्षा मानकों और तकनीकी-आर्थिक विश्लेषण पर है। यह राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है, जहां जोधपुर-बाड़मेर क्षेत्र में प्रमुख ग्रीन हाइड्रोजन हब की योजना है।