केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने लगभग ₹2 लाख करोड़ की वार्षिक उर्वरक सब्सिडी को डिजिटल तरीके से निपटाने के लिए एकीकृत ई-बिल प्रणाली शुरू की। यह प्रणाली कागज आधारित मैन्युअल प्रक्रियाओं की जगह iFMS और PFMS द्वारा संयुक्त रूप से विकसित पूरी तरह डिजिटल कार्यप्रवाह लागू करती है।

ई-बिल प्रणाली से पारदर्शिता, तेज मंजूरी, कम कागजी कार्रवाई और बेहतर वित्तीय शासन सुनिश्चित होता है। उर्वरक कंपनियां डिजिटल रूप से बिल जमा करेंगी, जिनका स्वचालित सत्यापन होगा और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह प्रणाली सब्सिडी भुगतान में देरी को लेकर उद्योग की शिकायतों को दूर करती है।