प्रकाशित: 22 मार्च 2026PIB / DD Newsअर्थव्यवस्था
प्रारंभ 2026 — वित्त मंत्रालय ने नए आयकर अधिनियम 2025 के लिए देशव्यापी अभियान शुरू किया, अधिनियम 1 अप्रैल से प्रभावी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 मार्च 2026 को 'प्रारंभ 2026' (विकसित भारत मिशन के लिए नीति सुधार और उत्तरदायी कार्रवाई) शुरू किया। आयकर विभाग का यह देशव्यापी जागरूकता अभियान नागरिकों को नए आयकर अधिनियम 2025 के बारे में जानकारी देता है। यह अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा।
नए अधिनियम में 800 से अधिक धाराओं को घटाकर 536 और 47 अध्यायों को घटाकर 23 किया गया है। इससे भारत की प्रत्यक्ष कर व्यवस्था सरल होती है, कानून को समझना आसान होता है और मुकदमेबाज़ी घटती है। अभियान नागरिक-केंद्रित शासन के 'नागरिक देवो भव' सिद्धांत पर आधारित है।
अभियान की मुख्य विशेषताएँ हैं: (1) 'कर साथी' — कृत्रिम बुद्धिमत्ता से चलने वाला चैटबॉट, जो बेहतर बनाई गई आयकर वेबसाइट 2.0 पर नए अधिनियम, नियमों, प्रपत्रों और उनसे जुड़े सवालों के जवाब 12 भारतीय भाषाओं में 24×7 देता है; (2) आयकर वेबसाइट 2.0 — इसमें जानकारी और सेवाएँ पाना आसान बनाया गया है; (3) देशभर में 300 से अधिक कार्यशालाओं की योजना; (4) 10 क्षेत्रीय भाषाओं में ब्रोशर; और (5) मायगव प्रश्नोत्तरी सहित प्रिंट, टेलीविज़न, रेडियो, डिजिटल और बाहरी माध्यमों से प्रचार।
65 वर्ष पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेने वाला नया कानून स्थिर, सरल और भरोसे पर आधारित कर व्यवस्था के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दिखाता है। यह प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत 2047' दृष्टिकोण का एक प्रमुख आधार है। राजस्थान की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा कृषि की बड़ी भूमिका है। कर कानून की सरल भाषा औपचारिक अर्थव्यवस्था से जुड़े छोटे व्यापारियों और किसानों पर अनुपालन का बोझ सीधे कम करती है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: कर कानून को सरल बनाने के संदर्भ में 20 मार्च 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुरू किए गए नए आयकर अधिनियम 2025 और प्रारंभ 2026 अभियान की प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
20 मार्च 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए आयकर अधिनियम 2025 के प्रचार के लिए प्रारंभ 2026 अभियान शुरू किया। यह अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से 65 वर्ष पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा। इसमें 800 से अधिक धाराओं को घटाकर 536 और 47 अध्यायों को घटाकर 23 किया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से चलने वाला 'कर साथी' चैटबॉट 12 भाषाओं में उपलब्ध है और देशभर में 300+ कार्यशालाओं की योजना है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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जुड़ा प्रश्नआसान
2026 की शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने किस कानून से जुड़ा जागरूकता अभियान शुरू किया?
व्याख्या · सही उत्तर Bप्रारंभ 2026 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नए आयकर अधिनियम 2025 के लिए शुरू किया गया जागरूकता अभियान है, जो अप्रैल 2026 से प्रभावी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रारंभ 2026 क्या है और इसे किसने शुरू किया?
प्रारंभ 2026 एक देशव्यापी जागरूकता अभियान है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे नए आयकर अधिनियम 2025 के प्रचार के लिए 20 मार्च 2026 को शुरू किया। यह अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है।
नए आयकर अधिनियम 2025 ने मौजूदा कर कानून को कैसे सरल बनाया?
नए आयकर अधिनियम 2025 में 800 से अधिक धाराओं को घटाकर 536 और 47 अध्यायों को घटाकर 23 किया गया है। इससे प्रत्यक्ष कर कानून संक्षिप्त और पढ़ने में आसान हुआ है तथा मुकदमेबाज़ी घटने में मदद मिलती है।
'कर साथी' क्या है और यह कितनी भाषाओं में उपलब्ध है?
'कर साथी' कृत्रिम बुद्धिमत्ता से चलने वाला चैटबॉट है। इसे प्रारंभ 2026 अभियान के तहत शुरू किया गया है। यह करदाताओं को सरल बनाए गए आयकर अधिनियम 2025 को समझने में मदद करता है और 12 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।
प्रारंभ 2026 के तहत जनसंपर्क और जागरूकता के लिए किन गतिविधियों की योजना बनाई गई थी?
प्रारंभ 2026 के तहत देशभर में 300 से अधिक कार्यशालाएँ और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई थी, ताकि करदाताओं, कर विशेषज्ञों और आम लोगों को नए आयकर अधिनियम 2025 की जानकारी दी जा सके।
भारत में प्रत्यक्ष कर प्रशासन में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की क्या भूमिका है और यह RPSC के लिए क्यों प्रासंगिक है?
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) वित्त मंत्रालय के तहत सर्वोच्च संस्था है, जो आयकर सहित प्रत्यक्ष करों से जुड़ी नीतियाँ बनाती है और उनका प्रशासन संभालती है। RPSC अभ्यर्थियों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि बोर्ड नए आयकर अधिनियम 2025 जैसे कर सुधारों को लागू करने में क्या भूमिका निभाता है।