वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार होने पर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना का चरण-II लागू
Aसीधा उत्तर
19 अक्टूबर को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार होने पर क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना का चरण-II लागू किया गया; पराली जलाना और थार की धूल इसके कारणों में शामिल रहे।
मुख्य तथ्य
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 19 अक्टूबर 2025 को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) का चरण-II लागू किया, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से अधिक होकर 'बहुत खराब' श्रेणी (AQI 301-400) में पहुँच गया
14 अक्टूबर 2025 को AQI के 200 का स्तर पार करने पर 'खराब' श्रेणी के तहत चरण-I लागू किया गया था
चरण-II के प्रतिबंधों में रेस्तराँ में कोयले और जलाऊ लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक, मशीनों से सफाई बढ़ाना, पानी का छिड़काव और खुले में कचरा जलाने पर रोक को सख्ती से लागू करना शामिल है
हवा की रफ़्तार कम होने, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने तथा वाहनों का उत्सर्जन बढ़ने के कारण वायु गुणवत्ता जल्दी खराब हुई
सर्दियों से पहले थार रेगिस्तान की धूल दिल्ली तक पहुँचने से वायु प्रदूषण में राजस्थान का भी योगदान रहता है
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 19 अक्टूबर 2025 को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) का चरण-II लागू किया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से ऊपर जाकर 'बहुत खराब' श्रेणी (AQI 301-400) में पहुँच गया था। इससे पहले 14 अक्टूबर 2025 को AQI के 200 का स्तर पार करने पर 'खराब' श्रेणी के तहत चरण-I लागू किया गया था।
चरण-II के प्रतिबंधों में रेस्तराँ और भोजनालयों में कोयले तथा जलाऊ लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक, मशीनों से सफाई बढ़ाना, सड़कों पर पानी का छिड़काव, खुले में कचरा जलाने पर रोक को सख्ती से लागू करना और सार्वजनिक परिवहन की सेवाएँ बढ़ाना शामिल हैं। मध्य अक्टूबर में ही वायु गुणवत्ता खराब होने के कारणों में हवा की रफ़्तार कम होना, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना तथा वाहनों का बढ़ता उत्सर्जन शामिल हैं। सर्दियों से पहले थार रेगिस्तान की धूल दिल्ली तक पहुँचने से वायु प्रदूषण में राजस्थान का भी योगदान रहता है।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सर्दियों से पहले बिगड़ती वायु गुणवत्ता के कारणों और क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना के चरण-II के उपायों की रोकथाम में भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 14 अक्टूबर के चरण-I के बाद 19 अक्टूबर 2025 को वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पार होने पर 'बहुत खराब' श्रेणी के तहत चरण-II लागू किया। भोजनालयों में कोयले और जलाऊ लकड़ी पर रोक, मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और सार्वजनिक परिवहन की सेवाएँ बढ़ाई गईं। हवा की रफ़्तार कम होने, पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने, वाहनों के उत्सर्जन और राजस्थान के थार की धूल से हालात बिगड़े।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने समीर 2.0 ऐप किस मानदंड की निगरानी के लिए शुरू किया?
व्याख्या · सही उत्तर B
SAMEER केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रकाशित National Air Quality Index के घंटेवार अपडेट देता है और वायु प्रदूषण से जुड़ी शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी देता है। इसलिए यह वायु गुणवत्ता से जुड़ा ऐप है, मिट्टी, जल या ध्वनि प्रदूषण निगरानी ऐप नहीं।
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना का चरण-II कब और क्यों लागू किया गया?
**वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)** ने **19 अक्टूबर 2025** को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में **क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) का चरण-II** लागू किया, क्योंकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) **300 से अधिक होकर 'बहुत खराब' श्रेणी (AQI 301-400)** में पहुँच गया था। इससे पहले 14 अक्टूबर 2025 को AQI के 200 का स्तर पार करने पर **चरण-I** लागू किया गया था।
क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना के चरण-II के तहत दिल्ली में क्या प्रतिबंध लगते हैं?
**क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के चरण-II** में रेस्तराँ और भोजनालयों में **कोयले तथा जलाऊ लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक**, मशीनों से सफाई बढ़ाना, सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ाना, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराना और सार्वजनिक परिवहन की सेवाएँ बढ़ाना शामिल हैं।
क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना क्या है और इसे कौन लागू करता है?
**क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP)** दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के स्तर के अनुसार वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन उपायों की व्यवस्था है। इसे **वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)** लागू करता है। योजना के चार चरण हैं और चरण-II AQI के 300 से अधिक होकर 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुँचने पर लागू होता है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक के किस स्तर पर क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना के चरण-I और चरण-II लागू होते हैं?
**क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) का चरण-I** वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के **200 का स्तर पार करने पर 'खराब' श्रेणी** में लागू होता है। **चरण-II** AQI के **300 से अधिक होकर 'बहुत खराब' श्रेणी (AQI 301-400)** में पहुँचने पर लागू होता है। दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चरण-I 14 अक्टूबर 2025 और चरण-II 19 अक्टूबर 2025 को लागू किया गया था।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग क्या है?
**वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)** एक वैधानिक निकाय है, जो **दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR)** की वायु गुणवत्ता की देखरेख करता है। यह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के स्तर के अनुसार प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए **क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के अलग-अलग चरण** लागू करता है।
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