केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 21 जनवरी 2026 को अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने और उसके विस्तार को मंजूरी दी। इससे असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पेंशन का दायरा, पहुंच और सामाजिक सुरक्षा लगातार बनी रहेगी। मई 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई अटल पेंशन योजना पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के प्रशासन में चलती है और बैंकों तथा डाकघरों से लागू की जाती है। यह योजना 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों, खासकर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले दैनिक मजदूरों, घरेलू कामगारों, छोटे किसानों और स्व-रोजगार व्यक्तियों को लक्षित करती है। उनके योगदान के अनुसार 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह की गारंटीकृत मासिक पेंशन मिलती है। सरकार पात्र सदस्यों के लिए 5 वर्षों तक सदस्य के योगदान का 50 प्रतिशत या ₹1,000 प्रति वर्ष, जो भी कम हो, सह-योगदान करती है। 2025 तक APY में 6.5 करोड़ से अधिक सदस्य नामांकित हो चुके हैं, जिससे यह विश्व की सबसे बड़ी सूक्ष्म-पेंशन पहलों में से एक बन गई है। वित्त वर्ष 2030-31 तक विस्तार से यह योजना ग्रामीण राजस्थान और असंगठित क्षेत्र में अधिक रोजगार वाले अन्य राज्यों में अपनी पहुंच और बढ़ा सकेगी। यह निर्णय सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा तथा गरीबी और असमानता कम करने से जुड़े सतत विकास लक्ष्य के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।