CSE ने 25 फरवरी 2026 को राजस्थान के निमली में आयोजित अनिल अग्रवाल डायलॉग में अपनी प्रमुख वार्षिक रिपोर्ट — स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरनमेंट (SoE) 2026 — जारी की। रिपोर्ट के अनुसार 2025 भारत में चरम मौसमी घटनाओं के लिहाज से अब तक का सबसे खराब वर्ष रहा। वर्ष 2025 में 99% दिनों पर चरम मौसमी घटनाएं दर्ज की गईं, जिनसे 4,419 लोगों की मौत हुई। रिपोर्ट में बताया गया कि नौ में से छह ग्रहीय सीमाएं (Planetary Boundaries) पहले ही पार हो चुकी हैं, जो पृथ्वी की प्रणालियों के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।

रिपोर्ट में भारत की जलवायु शासन प्रणाली में आमूलचूल बदलाव की जरूरत पर जोर दिया गया है — प्रतिक्रियाशील आपदा प्रबंधन से हटकर सक्रिय और लचीले जलवायु शासन की ओर बढ़ना। रिपोर्ट की सिफारिश है कि जलवायु जोखिम आकलन को सभी विकास योजनाओं में शामिल किया जाए, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत किया जाए और हरित बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाए। निमली, राजस्थान को डायलॉग के स्थान के रूप में चुनना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजस्थान सूखे, लू और अनिश्चित मानसून जैसी जलवायु चुनौतियों से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक है।