प्रकाशित: 22 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतटॉपिक
भारत ने 'प्रहार' लॉन्च किया: शून्य-सहनशीलता ढांचे के साथ पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति
23 फरवरी 2026 को गृह मंत्रालय (MHA) ने भारत की पहली व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति एवं रणनीति 'प्रहार' जारी की। इसे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में शुरू किया गया और यह भारत की सुरक्षा संरचना में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रहार सात मूल स्तंभों पर आधारित है: आतंकी हमलों की रोकथाम, त्वरित एवं आनुपातिक प्रतिक्रिया, सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों में क्षमता निर्माण, मानवाधिकारों का पालन सुनिश्चित करना, कट्टरपंथ के मूल कारणों को दूर करना, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समाज में लचीलापन बढ़ाना। नीति बहु-एजेंसी केंद्र (MAC) और संयुक्त खुफिया कार्यबल (JTFI) को सक्रिय करती है।
कानूनी ढाँचा UAPA 1967, PMLA 2002, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर आधारित है। प्रहार ड्रोन के ज़रिए रसद आपूर्ति, एन्क्रिप्टेड डिजिटल संचार, हाइब्रिड युद्ध और संगठित अपराध-चरमपंथ के गठजोड़ जैसे उभरते खतरों से निपटने पर केंद्रित है। यह UNSC प्रस्ताव 1373 और FATF ढाँचे के तहत भारत की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'प्रहार' क्या है और इसे कब लॉन्च किया गया?
प्रहार भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति है, जिसे गृह मंत्रालय (MHA) ने 23 फरवरी 2026 को जारी किया। यह नीति आतंकवाद-रोधी दृष्टिकोण में प्रतिक्रियात्मक तरीके से हटकर सक्रिय और खुफिया-आधारित तरीके की ओर बदलाव दिखाती है।
प्रहार नीति कितने स्तंभों पर आधारित है? उनके नाम बताइए।
प्रहार सात स्तंभों पर आधारित है: रोकथाम, खुफिया, प्रतिक्रिया, कट्टरपंथ-निवारण, मानवाधिकार अनुपालन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामाजिक लचीलापन।
प्रहार आतंकवाद-रोधी नीति किन कानूनों पर आधारित है?
प्रहार गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (UAPA) और नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 पर आधारित है।
प्रहार के अंतर्गत भारत के आतंकवाद-रोधी प्रयासों का समन्वय कौन से निकाय करते हैं?
बहु-एजेंसी केंद्र (MAC) और संयुक्त खुफिया टास्क फोर्स (JTFI) प्रहार के अंतर्गत प्रमुख समन्वय निकाय हैं।
प्रहार में किन आधुनिक खतरों से निपटने पर विशेष जोर है?
प्रहार में ड्रोन-आधारित आतंकवाद, क्रिप्टोकरेंसी से आतंकवाद का वित्तपोषण और डार्क वेब से चलाए जाने वाले अभियानों जैसे समकालीन खतरों से निपटने पर जोर है।