राजस्थान सरकार ने 2025-26 के लिए मधुमक्खी पालन संवर्धन की बड़ी पहल की घोषणा की है। इसके तहत ₹8 करोड़ की कुल सहायता से किसानों और मधुमक्खी पालकों को 40% अनुदान पर 50,000 मधुमक्खी कॉलोनियां और 50,000 मधुमक्खी बॉक्स वितरित किए जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, पराग की कमी और अधिक तापमान के दौरान मधुमक्खी कॉलोनियों के प्रवास के लिए 1,000 मधुमक्खी पालकों को प्रति पालक ₹9,000 की सहायता दी जा रही है। ₹2 करोड़ की लागत से 1,000 मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी पालन किट भी वितरित की जा रही हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भरतपुर और टोंक जिलों में ₹10-10 करोड़ की लागत से मधुमक्खी पालन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। ये केंद्र वैज्ञानिक प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण कॉलोनियां, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, विपणन और शहद की गुणवत्ता की जांच जैसी आधुनिक सुविधाएं देंगे।