राजस्थान के उदयपुर में सहकारिता मंत्रालय का क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन
Aसीधा उत्तर
सहकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला और समीक्षा बैठक उदयपुर में; PACS की मजबूती और डेयरी सहकारिता पर जोर।
मुख्य तथ्य
सहयोग मंत्रालय द्वारा उदयपुर, राजस्थान में 8-9 जनवरी, 2026 को दो दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया।
पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों - राजस्थान, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र में सहकारी समितियों की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण और डेयरी सहकारिता के विस्तार को मजबूत करने पर मुख्य चर्चा हुई।
राजस्थान में 65,000 से अधिक सहकारी समितियां हैं जो 2.5 करोड़ सदस्यों की सेवा कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाएं देने के लिए बहु-उद्देशीय PACS को कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) के रूप में स्थापित करने की संभावना बताई गई।
भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन 8-9 जनवरी 2026 को उदयपुर, राजस्थान में आयोजित किया गया। सम्मेलन में राजस्थान, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र सहित पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों में सहकारी समितियों की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रमुख चर्चाएँ प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को मजबूत करने, सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण और डेयरी सहकारी समितियों के विस्तार पर केंद्रित रहीं। राजस्थान में 2.5 करोड़ सदस्यों को सेवाएँ देने वाली 65,000 से अधिक सहकारी समितियाँ हैं। सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाएँ देने के लिए PACS को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में स्थापित करने की संभावना को रेखांकित किया गया।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराजस्थानविषयराजस्थानपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
उदयपुर में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन में किस क्षेत्र के राज्य शामिल थे?
व्याख्या · सही उत्तर B
8-9 जनवरी 2026 को उदयपुर में क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन ने पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों: राजस्थान, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र में सहकारी समितियों की प्रगति की समीक्षा की। राजस्थान में 65,000 से अधिक सहकारी समितियां हैं।
जनवरी 2026 में उदयपुर में आयोजित सहकारिता मंत्रालय के क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन का केंद्रबिंदु क्या था?
**सहकारिता मंत्रालय** का **दो दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन** **8-9 जनवरी 2026** को **उदयपुर, राजस्थान** में आयोजित हुआ, जिसमें **पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों** — राजस्थान, गुजरात, गोवा और महाराष्ट्र — की सहकारी समितियों की समीक्षा हुई। **PACS को मजबूत करना**, **कम्प्यूटरीकरण** और **डेयरी सहकारी विस्तार** पर चर्चा हुई तथा **PACS को CSC** के रूप में स्थापित करने की संभावना का उल्लेख किया गया।
राजस्थान में कितनी सहकारी समितियां हैं और उनसे कितने सदस्य जुड़े हैं?
31 मार्च 2025 तक **राजस्थान** में **25,068 कार्यशील सहकारी समितियां** थीं, जिनके **1,10,47,129 सदस्य** थे। यह **सहकारिता मंत्रालय के क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन** (उदयपुर, 8-9 जनवरी 2026) में बताया गया, जिसमें **PACS को मजबूत करने**, **कम्प्यूटरीकरण** और ग्रामीण सेवाओं के लिए **PACS को CSC** बनाने की संभावना पर चर्चा हुई।
उदयपुर सहकारिता सम्मेलन 2026 में PACS को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में स्थापित करने का क्या महत्व है?
**सहकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला और समीक्षा बैठक** (उदयपुर, 8-9 जनवरी 2026) में **बहु-उद्देश्यीय PACS को CSC** के रूप में स्थापित करने को **ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी सेवाएं** पहुंचाने का तरीका बताया गया। PACS पहले से ग्रामीण समुदायों में मौजूद हैं; इन्हें CSC बनाने से **बैंकिंग, बीमा, डिजिटल सेवाएं** और सरकारी कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सकेंगे। 31 मार्च 2025 तक **राजस्थान** में **25,068 कार्यशील सहकारी समितियां** थीं।
उदयपुर 2026 में सहकारिता मंत्रालय के पश्चिम क्षेत्र समीक्षा सम्मेलन में कौन से राज्य शामिल थे?
**सहकारिता मंत्रालय के पश्चिम क्षेत्र समीक्षा सम्मेलन** (उदयपुर, 8-9 जनवरी 2026) में **चार राज्यों** — **राजस्थान**, **गुजरात**, **गोवा** और **महाराष्ट्र** — की सहकारी समितियों की समीक्षा हुई। **PACS को मजबूत करने**, **कम्प्यूटरीकरण** और **डेयरी सहकारी विस्तार** पर चर्चा हुई। ग्रामीण सेवाओं के लिए **PACS को CSC** बनाने की संभावना पर भी चर्चा की गई।
उदयपुर सम्मेलन में चर्चा की गई प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की सहकारी क्षेत्र में क्या भूमिका है?
**प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS)** भारत में **सहकारी ऋण प्रणाली** की जमीनी इकाइयां हैं, जो किसानों को अल्पकालिक और मध्यकालिक कृषि ऋण देती हैं। **सहकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला और समीक्षा बैठक** (उदयपुर, 8-9 जनवरी 2026) में **PACS को मजबूत करने**, **कम्प्यूटरीकरण** और **CSC** के रूप में बदलने पर चर्चा हुई। 31 मार्च 2025 तक **राजस्थान** में **25,068 कार्यशील सहकारी समितियां** और **1,10,47,129 सदस्य** थे।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।