ब्राजील के बेलेम में 10 से 21 नवंबर 2025 तक होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन COP30 की तैयारियाँ अक्टूबर 2025 में तेज़ हुईं। सम्मेलन का विषय 'कार्रवाई पर केंद्रित COP' है और इसमें नई प्रतिबद्धताएँ तय करने के बजाय अमल पर ज़ोर दिया गया है। COP29 में तय किए गए नए सामूहिक परिमाणित लक्ष्य (NCQG) के तहत विकासशील देशों के जलवायु वित्त के लिए 2035 तक सालाना $300 अरब जुटाने का लक्ष्य है।

एक व्यापक रूपरेखा के तहत 2035 तक सभी स्रोतों से जलवायु वित्त के रूप में $1.3 लाख करोड़ जुटाने का प्रस्ताव है। वैश्विक दक्षिण की प्रमुख आवाज़ के रूप में भारत जलवायु वित्त तक समान पहुँच और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की मांग कर रहा है। भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 200 GW को पार कर चुकी है और राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन में सबसे आगे है। अमेज़न क्षेत्र में पहली बार COP का आयोजन बेलेम में होगा, जिससे उष्णकटिबंधीय वनों के संरक्षण पर ध्यान बढ़ेगा।