प्रकाशित: 19 सितंबर 2025राजस्थान
PM 25 सितंबर को 2,800 MW माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर 2025 को राजस्थान में माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखेंगे, साथ ही ₹1.21 लाख करोड़ से अधिक की अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। परमाणु संयंत्र 1,366 एकड़ स्थल पर 2,800 MW स्थापित क्षमता के साथ बनेगा, जिसमें चार स्वदेशी 700 MWe दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWRs) होंगे।
लगभग ₹50,000 करोड़ की इस परियोजना के 2036 तक पूरा होने की उम्मीद है। भारत की वर्तमान परमाणु ऊर्जा क्षमता 8.18 GW (2024) है, 2031-32 तक 22.48 GW और 2047 तक 100 GW का लक्ष्य है। बांसवाड़ा संयंत्र राजस्थान की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने और पेरिस समझौते के तहत भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2,800 MW मही-बाँसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला से जुड़ी खबर क्या है?
पीएम मोदी 25 सितंबर को राजस्थान के मही-बाँसवाड़ा में 2,800 MW परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखने वाले हैं।
मही-बाँसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र राजस्थान में कहाँ स्थित है?
**मही-बाँसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले में स्थित होगा**। **Plant will have 2,800 MW capacity with four indigenous 700 MWe Pressurized Heavy**
प्रस्तावित मही-बाँसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की क्षमता क्या है?
**मही-बाँसवाड़ा संयंत्र की क्षमता 2,800 MW** होगी, जिससे भारत के परमाणु ऊर्जा पोर्टफोलियो में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹50,000 करोड़ है और इसके 2036 तक पूरा होने की उम्मीद है।
मही-बाँसवाड़ा परमाणु संयंत्र भारत की परमाणु ऊर्जा विस्तार योजना में कैसे शामिल होता है?
**भारत की वर्तमान परमाणु ऊर्जा क्षमता 8.18 GW (2024) है, और 2031-32 तक 22.48 GW तथा 100 का लक्ष्य है**। भारत 2031-32 तक परमाणु क्षमता तीन गुना करके 22,480 MW करने का लक्ष्य रखता है; मही-बाँसवाड़ा इस फ्लीट मोड परमाणु विस्तार का हिस्सा है।
राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले में परमाणु ऊर्जा संयंत्र का क्या महत्व है?
**प्रधानमंत्री की ₹1.21 लाख करोड़ की परियोजनाओं के उद्घाटन का हिस्सा; पेरिस समझौते के तहत स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने में मददगार**। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आदिवासी इलाके बाँसवाड़ा को रोज़गार और बिजली आपूर्ति का फ़ायदा मिलेगा, जिससे इलाके के विकास को बढ़ावा मिलेगा।