प्रकाशित: 20 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतशासन
भारत में 2025 में साइबर अपराध 24% बढ़ा; ₹22,495 करोड़ का नुकसान — निवेश घोटालों की हिस्सेदारी 76%
फरवरी 2026 में जारी आँकड़ों के अनुसार भारत में 2025 में साइबर अपराध 24% बढ़ा, कुल शिकायतें 22.68 लाख से बढ़कर 28.15 लाख हुईं। ₹22,495 करोड़ का नुकसान हुआ, जिसमें निवेश घोटाले कुल वित्तीय नुकसान का 76% और कुल मामलों का 35% रहे।
अन्य प्रमुख श्रेणियाँ: सेक्सटॉर्शन (19%) और 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाले (6%)। भारत में अब 459 समर्पित साइबर अपराध थाने हैं, जबकि 2020 में 169 थे। I4C ने ₹8,031 करोड़ से अधिक के धोखाधड़ी लेनदेन रोके। टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल उपयोगकर्ताओं की बढ़ती भेद्यता और AI डीपफेक के उपयोग पर चिंता जताई गई।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत में 2025 के 24% साइबर अपराध उछाल का विश्लेषण करें एवं भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की संस्थागत प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करें।
उत्तर (50 शब्द): फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार साइबर शिकायतें 2024 की 22.68 लाख से बढ़कर 28.15 लाख हो गईं, हानि 22,495 करोड़ रुपये रही; इसमें निवेश घोटालों का योगदान 76% रहा। यौन वसूली 19% एवं डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले 6% रहे। आई4सी ने 8,031 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी रोकी एवं अब 459 साइबर थाने कार्यरत हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में भारत में साइबर अपराध कितना बढ़ा?
भारत में साइबर अपराध में **2025 में 24% की वृद्धि** दर्ज की गई। कुल शिकायतें **2024 में 22.68 लाख** से बढ़कर **28.15 लाख मामलों** तक पहुंचीं। भारतीयों को **₹22,495 करोड़** का नुकसान हुआ, जिसमें कुल वित्तीय नुकसान का **76%** हिस्सा **निवेश घोटालों** से जुड़ा था।
2025 में भारत में किस प्रकार के साइबर अपराध से सबसे अधिक वित्तीय नुकसान हुआ?
**निवेश घोटालों** से कुल वित्तीय नुकसान का **76%** हुआ और 2025 में रिपोर्ट किए गए सभी मामलों में उनका 35% हिस्सा था। अन्य प्रमुख खतरों में **सेक्सटॉर्शन (19% मामले)** और **'डिजिटल अरेस्ट' घोटाले (6%)** शामिल थे।
भारत में 'डिजिटल अरेस्ट' घोटाला क्या है?
**'डिजिटल अरेस्ट' घोटाला** साइबर धोखाधड़ी का एक रूप है, जिसमें अपराधी वीडियो कॉल पर खुद को **कानून प्रवर्तन अधिकारी, CBI या ED** बताकर पीड़ितों पर मनी लॉन्ड्रिंग या आपराधिक गतिविधि का झूठा आरोप लगाते हैं और 'गिरफ्तारी' से बचाने के नाम पर पैसे मांगते हैं।
भारत में कितने साइबर अपराध पुलिस स्टेशन हैं?
भारत में डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए **459 विशेष साइबर अपराध पुलिस स्टेशन** हैं। सरकार साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए **राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in)** और **हेल्पलाइन 1930** चलाती है।
बढ़ते साइबर अपराध से निपटने के लिए भारत ने क्या उपाय किए हैं?
भारत ने कई उपाय किए हैं: **459 विशेष साइबर अपराध पुलिस स्टेशन**; **राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल**; **हेल्पलाइन 1930**; **I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र)**; **नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग सिस्टम**; और डिजिटल अरेस्ट घोटालों पर जन जागरूकता अभियान।