पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार और आर्द्रभूमि शहर मान्यता समारोह आयोजित किया। इसी समारोह में ‘झीलों का शहर’ कहे जाने वाले उदयपुर को रामसर आर्द्रभूमि शहर की प्रतिष्ठित मान्यता मिली। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रमाणपत्र प्रदान किया। उदयपुर और इंदौर यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता पाने वाले भारत के पहले शहर बने।

उदयपुर के चारों ओर 5 प्रमुख आर्द्रभूमियाँ हैं — पिछोला, फतेह सागर, रंग सागर, स्वरूप सागर और दूध तलाई। जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स में संविदाकारी पक्षों का 15वां सम्मेलन (COP15) आयोजित हुआ। इसी सम्मेलन में इस मान्यता को औपचारिक रूप दिया गया और विश्वभर के 31 नए आर्द्रभूमि शहरों को यह दर्जा मिला। यह मान्यता आर्द्रभूमि संरक्षण और टिकाऊ शहरी नियोजन के प्रति उदयपुर की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।