प्रकाशित: 8 दिसंबर 2025राजस्थान
राजस्थान SIR कार्यक्रम के तहत 100% मतदाता सूची डिजिटलीकरण हासिल करने वाला पहला राज्य बना
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन द्वारा घोषित विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 प्रक्रिया के तहत भारत के निर्वाचन आयोग के दैनिक बुलेटिन में राजस्थान के विशेष गहन पुनरीक्षण गणना-प्रपत्रों के 100% डिजिटलीकरण की स्थिति बताई गई। बुलेटिन गणना-प्रपत्रों के वितरण और डिजिटलीकरण की पुष्टि करता है; अंतिम मतदाता सत्यापन, सूची सुधार और मतदाता-सूची प्रकाशन अलग चरण थे।
विशेष गहन पुनरीक्षण भारत के निर्वाचन आयोग का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है, जिसके तहत मतदाता सूचियों को अपडेट और सत्यापित किया जाता है, डुप्लिकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, नए मतदाताओं का नामांकन किया जाता है और मतदाता डेटा को सही ढंग से मैप किया जाता है। 5.46 करोड़ का आँकड़ा गणना-चरण का आधार था; पुनरीक्षण के बाद राजस्थान की अंतिम मतदाता सूची में 5,15,19,929 मतदाता शामिल थे।
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संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत भारत में मतदाता सूचियों के संशोधन का निर्देश कौन दे सकता है?
व्याख्या · सही उत्तर Aअनुच्छेद 324 चुनावों, जिनमें मतदाता सूचियां भी शामिल हैं, पर अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण भारत निर्वाचन आयोग को देता है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 मतदाता सूचियों की तैयारी, संशोधन और विशेष संशोधन को निर्वाचन आयोग के निर्देशों से जोड़ती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विशेष गहन पुनरीक्षण क्या है और इसे क्यों चलाया गया?
विशेष गहन पुनरीक्षण भारत के निर्वाचन आयोग का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है, जो मतदाता सूचियों को अद्यतन और सत्यापित करने, डुप्लिकेट तथा मृत मतदाताओं को हटाने और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए चलाया गया।
राजस्थान के संदर्भ में निर्वाचन आयोग के बुलेटिन में क्या दर्ज हुआ?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन द्वारा घोषित प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग के दैनिक बुलेटिन में राजस्थान के गणना-प्रपत्रों के 100% डिजिटलीकरण की स्थिति दर्ज हुई।
क्या इसका अर्थ हर मतदाता प्रविष्टि का अंतिम सत्यापन और मानचित्रण पूरा हो गया था?
नहीं। बुलेटिन गणना-प्रपत्रों के वितरण और डिजिटलीकरण की पुष्टि करता है; अंतिम सत्यापन, सूची सुधार और मतदाता-सूची प्रकाशन अलग चरण थे।
राजस्थान की अंतिम मतदाता संख्या क्या रही?
5.46 करोड़ का आँकड़ा गणना-चरण का आधार था; पुनरीक्षण के बाद राजस्थान की अंतिम मतदाता सूची में 5,15,19,929 मतदाता शामिल थे।
इस प्रक्रिया का व्यापक महत्व क्या है?
गणना-प्रपत्रों का पूर्ण डिजिटलीकरण मतदाता सूची प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाता है और आगामी चुनावों से पहले अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु प्रस्तुत करता है।