प्रकाशित: 9 दिसंबर 2025राजस्थान
राजस्थान SIR कार्यक्रम के तहत 100% मतदाता सूची डिजिटलीकरण हासिल करने वाला पहला राज्य बना
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन द्वारा घोषित विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत भारत निर्वाचन आयोग ने अपने दैनिक बुलेटिन में बताया कि राजस्थान के गणना-प्रपत्रों का 100% डिजिटलीकरण पूरा हो चुका था। बुलेटिन में गणना-प्रपत्रों के वितरण और डिजिटलीकरण की स्थिति दी गई थी; मतदाताओं का अंतिम सत्यापन, सूची में सुधार और मतदाता सूची का प्रकाशन इसके बाद होने वाले अलग चरण थे।
विशेष गहन पुनरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है। इसमें मतदाता सूचियों को अपडेट और सत्यापित किया जाता है, डुप्लिकेट प्रविष्टियाँ और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और मतदाता डेटा को सही मतदान केंद्र से जोड़ा जाता है। 5.46 करोड़ का आँकड़ा गणना के चरण का आधार था; पुनरीक्षण के बाद राजस्थान की अंतिम मतदाता सूची में 5,15,19,929 मतदाता शामिल थे।
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संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत भारत में मतदाता सूचियों के संशोधन का निर्देश कौन दे सकता है?
व्याख्या · सही उत्तर Aअनुच्छेद 324 चुनावों, जिनमें मतदाता सूचियां भी शामिल हैं, पर अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण भारत निर्वाचन आयोग को देता है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 मतदाता सूचियों की तैयारी, संशोधन और विशेष संशोधन को निर्वाचन आयोग के निर्देशों से जोड़ती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विशेष गहन पुनरीक्षण क्या है और इसे क्यों चलाया जाता है?
विशेष गहन पुनरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है। इसमें मतदाता सूचियों को अपडेट और सत्यापित किया जाता है, डुप्लिकेट प्रविष्टियाँ और मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और मतदाता डेटा को सही मतदान केंद्र से जोड़ा जाता है।
भारत निर्वाचन आयोग के दैनिक बुलेटिन में राजस्थान के बारे में क्या बताया गया?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन द्वारा घोषित विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत भारत निर्वाचन आयोग के दैनिक बुलेटिन में राजस्थान के 5.46 करोड़ गणना-प्रपत्रों के 100% डिजिटलीकरण की जानकारी दी गई।
क्या इसका अर्थ यह था कि हर मतदाता प्रविष्टि का अंतिम सत्यापन और मानचित्रण पूरा हो चुका था?
नहीं। बुलेटिन में गणना-प्रपत्रों के वितरण और डिजिटलीकरण की स्थिति दी गई थी; मतदाताओं का अंतिम सत्यापन, सूची में सुधार और मतदाता सूची का प्रकाशन इसके बाद होने वाले अलग चरण थे।
राजस्थान की अंतिम मतदाता संख्या कितनी थी?
5.46 करोड़ का आँकड़ा गणना के चरण का आधार था; पुनरीक्षण के बाद राजस्थान की अंतिम मतदाता सूची में 5,15,19,929 मतदाता शामिल थे।
गणना-प्रपत्रों के डिजिटलीकरण का व्यापक महत्व क्या है?
गणना-प्रपत्रों का पूर्ण डिजिटलीकरण मतदाता सूची प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाता है और आगामी चुनावों से पहले अन्य राज्यों के लिए मिसाल पेश करता है।