प्रकाशित: 3 मार्च 2026अंतरराष्ट्रीय
WTO MC14: भारत ने खाद्य सुरक्षा और मत्स्य पालन सब्सिडी पर प्रस्ताव प्रस्तुत किए
भारत ने WTO के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) के लिए आधिकारिक रूप से प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जो 26-29 मार्च 2026 को कैमरून के याउंडे में आयोजित होगा। भारत के प्रस्ताव खाद्य सुरक्षा उद्देश्यों के लिए सार्वजनिक भंडारण के स्थायी समाधान और मत्स्य पालन सब्सिडी वार्ताओं में पारंपरिक मछुआरों की आजीविका की रक्षा पर केंद्रित हैं।
भारत का सार्वजनिक भंडारण प्रस्ताव विकासशील देशों के छोटे किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खाद्य खरीद के अधिकार की रक्षा के लिए स्थायी शांति खंड चाहता है। मत्स्य पालन पर भारत पारंपरिक और निर्वाह मछुआरों के लिए विशेष और विभेदक व्यवहार की वकालत करता है।
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पूना पैक्ट (1932) महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के बीच किसके संबंध में समझौता था:
व्याख्या · सही उत्तर Cपूना समझौते (1932) ने दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचक मंडलों की व्यवस्था हटाकर सामान्य निर्वाचक मंडलों में आरक्षित सीटों का प्रावधान किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने WTO MC14 के लिए कौन-से प्रस्ताव प्रस्तुत किए और यह कहाँ आयोजित होगा?
भारत ने WTO के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जो Yaounde, Cameroon में 26-29 मार्च 2026 को होगा। भारत के दो प्रमुख प्रस्ताव हैं: (1) खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक भंडारण का स्थायी समाधान, और (2) मत्स्य सब्सिडी वार्ताओं में पारंपरिक मछुआरों की सुरक्षा।
WTO MC14 में भारत का सार्वजनिक भंडारण प्रस्ताव क्या है?
**WTO MC14** में भारत का **सार्वजनिक भंडारण प्रस्ताव** एक **स्थायी शांति उपबंध** की मांग करता है, जिससे विकासशील देशों को छोटे किसानों से **Minimum Support Price (MSP)** पर अनाज खरीदने का अधिकार WTO में चुनौती दिए बिना सुरक्षित रहे।
WTO MC14 में Yaounde, Cameroon में मत्स्य सब्सिडी पर भारत का रुख क्या है?
**WTO MC14** (Yaounde, Cameroon, 26-29 मार्च 2026) में भारत मत्स्य सब्सिडी वार्ताओं में **लघु और आजीविका-आधारित मछुआरों** के लिए **विशेष और विभेदक व्यवहार** की वकालत करता है। भारत का तर्क है कि विकासशील देशों के छोटे पारंपरिक मछुआरों को बड़े व्यावसायिक मछली बेड़ों पर लागू सब्सिडी अनुशासन से बचाया जाए।
WTO MC14 क्या है और यह भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
**WTO MC14** World Trade Organisation का **14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन** है, जो **Yaounde, Cameroon** में **26-29 मार्च 2026** को होगा। यह भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने **खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक भंडारण** (MSP पर आधारित खरीद की रक्षा) और **मत्स्य सब्सिडी** (पारंपरिक मछुआरों की सुरक्षा) पर प्रमुख प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
भारत WTO में सार्वजनिक भंडारण के लिए स्थायी शांति उपबंध क्यों चाहता है?
भारत **सार्वजनिक भंडारण** के लिए **स्थायी शांति उपबंध** इसलिए चाहता है क्योंकि उसके खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों में **MSP** पर किसानों से अनाज खरीदना शामिल है, जिसे विकसित देश WTO नियमों के तहत व्यापार को विकृत करने वाली सब्सिडी मानते हैं। **1.4 अरब लोगों** की सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भरता को देखते हुए वर्तमान अस्थायी शांति उपबंध अपर्याप्त है।