भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) ने अक्टूबर 2025 में समकालिक अखिल भारतीय हाथी आकलन (SAIEE) 2021-25 के परिणाम जारी किए — यह भारत की पहली DNA-आधारित हाथी जनगणना है। चार परिदृश्यों में कुल जनसंख्या 22,446 हाथी अनुमानित की गई, जो 2017 की दृश्य अवलोकन पद्धति से हुई 29,964 की जनगणना से कम है।

शोधकर्ताओं ने हाथी आवासों से 21,056 गोबर नमूने एकत्र किए और DNA फिंगरप्रिंटिंग से अलग-अलग हाथियों की पहचान की। पश्चिमी घाट में सबसे अधिक जनसंख्या है (11,934, 53.17%)। कर्नाटक 6,013 के साथ सबसे आगे है, इसके बाद असम (4,159) और तमिलनाडु (3,136) हैं। झारखंड (-68%) और ओडिशा (-54%) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज हुई, जबकि छत्तीसगढ़ में 82.6% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई। विशेषज्ञों ने चेताया कि पद्धति मूल रूप से अलग होने के कारण पुराने आंकड़ों से इसकी सीधी तुलना नहीं करनी चाहिए।