विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वैश्विक तपेदिक रिपोर्ट 2025 पर 13 नवंबर 2025 को व्यापक चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से नए मामलों की दर में 21% कमी के बाद भी दुनिया के 25% टीबी मामले भारत में हैं। भारत अब भी दुनिया में टीबी से सबसे अधिक प्रभावित देश है।

2023 से 2024 के बीच दुनिया भर में टीबी के नए मामलों की दर 1.7% घटी। भारत में यह दर प्रति 1,00,000 आबादी पर 195 से घटकर 187 हो गई। भारत ने 2024 में अनुमानित 27 लाख मामलों में से 26.1 लाख से अधिक की पहचान की। दुनिया के बहु-औषधि-प्रतिरोधी तपेदिक (एमडीआर-टीबी) मामलों में भारत की हिस्सेदारी 32% है। भारत ने टीबी उन्मूलन के लिए 2025 का लक्ष्य तय किया था। यह वैश्विक सतत विकास लक्ष्य की 2030 की समय-सीमा से 5 वर्ष पहले था, हालांकि विशेषज्ञों ने इसे चुनौतीपूर्ण माना।