पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने दिसंबर 2025 में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियम 2025 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया। ये नियम अन्वेषण और उत्पादन (E&P) क्षेत्र में बिखरे हुए नियामक ढांचे की जगह एक समेकित नियमावली लाते हैं। नए नियम भारत के अपस्ट्रीम तेल एवं गैस शासन को आधुनिक बनाते हैं और देश के ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों के अनुरूप रखते हैं। एक ऐतिहासिक प्रावधान के तहत पहली बार भारतीय कानून में कार्बन कैप्चर एवं भंडारण (CCS) की अनुमति दी गई है, जिससे भारत उन कुछ देशों में शामिल हो गया है जो अपने हाइड्रोकार्बन कानून में स्पष्ट रूप से CCS की अनुमति देते हैं। नए नियम पेट्रोलियम अन्वेषण लाइसेंस रखने वाले ऑपरेटरों को पट्टे वाले ब्लॉकों पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शुरू करने की भी अनुमति देते हैं, जिससे द्वि-उपयोग मॉडल संभव होता है। E&P लाइसेंसिंग के समेकन से प्रक्रियागत जटिलता कम होने और निवेशकों का विश्वास बढ़ने की उम्मीद है। CCS प्रावधान भारत की नेट-जीरो महत्वाकांक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह औद्योगिक CO2 को भूमिगत रखने का कानूनी रास्ता देता है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियम 2025 अधिसूचित: भारत में पहली बार CCS को मंजूरी
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियम 2025 अधिसूचित किए। इनमें E&P लाइसेंस व्यवस्था को एकीकृत किया गया है, पट्टे वाले ब्लॉकों में नवीकरणीय ऊर्जा की अनुमति दी गई है और भारत में पहली बार ग्रीनहाउस गैसों के भूवैज्ञानिक भंडारण (CCS) को मंजूरी दी गई है।
मुख्य तथ्य
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियम 2025 सभी E&P लाइसेंसिंग को एक ही ढांचे में समेटते हैं।
- भारत में पहली बार कार्बन कैप्चर एवं भंडारण (CCS) को हाइड्रोकार्बन कानून के तहत कानूनी मान्यता दी गई।
- पेट्रोलियम पट्टा ब्लॉकों पर अब नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं चलाई जा सकती हैं, जिससे मौजूदा अवसंरचना का दोहरा उपयोग संभव है।
- ये नियम प्रक्रियागत जटिलता कम करने और अपस्ट्रीम तेल एवं गैस में निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं।
- यह नीति भारत की नेट-जीरो प्रतिबद्धताओं और G20 स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन ढांचे के अनुरूप है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
स्रोत: PRS/MoPNG
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कार्बन कैप्चर एवं भंडारण (CCS) क्या है?
CCS में औद्योगिक स्रोतों से CO2 को कैप्चर करके भूमिगत भूवैज्ञानिक संरचनाओं में स्थायी रूप से संग्रहीत किया जाता है।
2025 नियमों में CCS प्रावधान क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहली बार है जब भारतीय कानून में CCS की अनुमति दी गई है, जिससे औद्योगिक कार्बन को अलग करने का कानूनी रास्ता मिलता है।
क्या पेट्रोलियम ब्लॉक ऑपरेटर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं लगा सकते हैं?
हां। 2025 नियम पेट्रोलियम अन्वेषण लाइसेंस ब्लॉकों पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्पष्ट रूप से अनुमति देते हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियम 2025 किस मंत्रालय ने अधिसूचित किए?
MoPNG ने दिसंबर 2025 में इन नियमों को अधिसूचित किया।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें