प्रकाशित: 4 सितंबर 2025समाचार स्रोतपर्यावरण
जैसलमेर, राजस्थान में दुर्लभ एशियाई कैरेकल शावक देखा गया — संरक्षण प्रयास तेज
वन्यजीव विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने सितंबर 2025 की शुरुआत में राजस्थान के जैसलमेर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में दुर्लभ एशियाई कैरेकल शावक की मौजूदगी की पुष्टि की। तस्वीरों से पुष्टि होने के बाद अधिकारियों ने आबादी का व्यवस्थित सर्वेक्षण शुरू किया और सीमावर्ती क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी। भारत में कैरेकल की कुल आबादी 50 से भी कम है और ये मुख्यतः राजस्थान तथा गुजरात के शुष्क घास के मैदानों में पाए जाते हैं।
कैरेकल (Caracal caracal) वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में सूचीबद्ध है, इसलिए इसे भारत में सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। शावक का मिलना प्रजनन गतिविधि का संकेत देता है और आबादी फिर बढ़ने की उम्मीद जगाता है। वन अधिकारियों ने जैसलमेर में निगरानी बढ़ाने और सामुदायिक संरक्षण उपाय अपनाने की घोषणा की।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराजस्थानविषयविज्ञान-प्रौद्योगिकीपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
भारत में एशियाई कैराकल वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की किस अनुसूची में सूचीबद्ध है?
व्याख्या · सही उत्तर Aकैराकल वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में सूचीबद्ध है, जिससे इसे भारत में सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में दुर्लभ एशियाई कैरेकल शावक कहाँ देखा गया और इसका क्या महत्व है?
सितंबर 2025 की शुरुआत में जैसलमेर, राजस्थान के रामगढ़ क्षेत्र में एक दुर्लभ एशियाई कैरेकल शावक की तस्वीरों के आधार पर पुष्टि हुई। यह थार रेगिस्तान में सक्रिय प्रजनन का संकेत है, जो महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में केवल 50 से कम कैरेकल शेष हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की किस अनुसूची में एशियाई कैरेकल सूचीबद्ध है?
एशियाई कैरेकल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची I में सूचीबद्ध है। यह सर्वोच्च कानूनी संरक्षण देती है, और इस प्रजाति का शिकार या व्यापार संज्ञेय अपराध है।
भारत में एशियाई कैरेकल की अनुमानित जनसंख्या कितनी है?
भारत में 50 से कम एशियाई कैरेकल जंगलों में बचे हैं, इसलिए यह देश की सबसे दुर्लभ और गंभीर रूप से लुप्तप्राय जंगली बिल्लियों में से एक है। राजस्थान का जैसलमेर इसका महत्वपूर्ण आवास है।
एशियाई कैरेकल संरक्षण के लिए जैसलमेर क्यों महत्वपूर्ण है?
जैसलमेर को एशियाई कैरेकल के लिए महत्वपूर्ण आवास माना जाता है, क्योंकि थार रेगिस्तान का शुष्क परिदृश्य इस प्रजाति के अनुकूल है। 2025 में रामगढ़ में शावक दिखाई देना सक्रिय प्रजनन की पुष्टि करता है और इस क्षेत्र को संरक्षण की प्राथमिकता में रखता है।