प्रकाशित: 3 फ़रवरी 2026राजस्थान पत्रिकाराजस्थान
राजस्थान की गणतंत्र दिवस झांकी — बीकानेर की उस्ता कला — लोकप्रिय पसंद श्रेणी में तीसरा पुरस्कार
77वें गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी 2026) में बीकानेर की सदियों पुरानी उस्ता कला से प्रेरित राजस्थान की झांकी ने पॉपुलर चॉइस श्रेणी में तीसरा पुरस्कार जीता। परिणाम फरवरी के पहले सप्ताह में घोषित हुए। उस्ता कला, जिसे सुनहरी लाह कार्य या 'नक्काशी' भी कहते हैं, ऊंट की खाल पर सोने की पत्ती से जटिल डिजाइन बनाने की कला है, जिसे बीकानेर का मुस्लिम कारीगर समुदाय 400 से अधिक वर्षों से कर रहा है।
इस कला को GI टैग प्राप्त है और बीकानेर में 200 से कम परिवार इसे करते हैं। झांकी ने राजस्थान की अनूठी कला विरासत प्रदर्शित की। राज्य सरकार ने ODOP योजना से उस्ता कारीगरों को अतिरिक्त सहायता की घोषणा की।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
बीकानेर की किस कला को 77वें गणतंत्र दिवस परेड में मान्यता मिली?
व्याख्या · सही उत्तर Bबीकानेर की उस्ता कला पर राजस्थान की झांकी ने 77वें गणतंत्र दिवस में पॉपुलर चॉइस में तीसरा पुरस्कार जीता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बीकानेर की उस्ताद कला क्या है जिसे गणतंत्र दिवस 2026 पर तीसरा पुरस्कार मिला?
**उस्ताद कला** (जिसे **नकाशी कला** भी कहते हैं) **बीकानेर, राजस्थान** की एक पारंपरिक शिल्प कला है, जो **400 से अधिक वर्षों** से प्रचलित है। इसमें ऊंट की खाल, हड्डियों और हाथी दांत पर हाथ से चित्रकारी की जाती है। इस कला को **GI टैग** प्राप्त है और इसे **ODOP (एक जिला, एक उत्पाद) योजना** के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस 2026 पर राजस्थान की झांकी ने कौन सा पुरस्कार जीता और उसमें क्या दर्शाया गया?
**राजस्थान की झांकी** ने गणतंत्र दिवस 2026 परेड में **तीसरा पुरस्कार** जीता। इसमें **बीकानेर** की **उस्ताद यानी नकाशी कला** को दर्शाया गया, जो **GI टैग** प्राप्त एक शताब्दी पुरानी परंपरागत शिल्प कला है।
ODOP योजना क्या है और बीकानेर की उस्ताद कला से इसका क्या संबंध है?
**ODOP (One District One Product) योजना** प्रत्येक जिले के अनूठे पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा देती है। **बीकानेर** का चिह्नित उत्पाद **उस्ताद/नकाशी कला** है — **400 साल पुरानी GI टैग** प्राप्त शिल्प कला, जिसे 200 से कम परिवार आज भी जीवित रखे हुए हैं।
बीकानेर की उस्ताद नकाशी कला की परंपरा कितनी पुरानी है?
**बीकानेर** की **उस्ताद नकाशी कला** **400 से अधिक वर्ष** पुरानी परंपरा है। इसे **200 से कम परिवार** आज भी जीवित रखे हुए हैं। इसमें ऊंट की हड्डियों, खाल और हाथी दांत पर जटिल चित्रकारी की जाती है और इसे **GI टैग** प्राप्त है।
राजस्थान ने गणतंत्र दिवस 2026 की झांकी में बीकानेर की नकाशी कला क्यों शामिल की?
राजस्थान ने अपनी जीवंत शिल्प विरासत को दिखाने के लिए **बीकानेर की नकाशी (उस्ताद) कला** को 2026 की गणतंत्र दिवस झांकी में शामिल किया। यह कला **400 से अधिक वर्ष** पुरानी है, इसे **GI टैग** प्राप्त है और **ODOP योजना** के अंतर्गत प्रोत्साहित किया जा रहा है।