केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने भारतीय फार्माकोपिया 2026 का 10वां संस्करण जारी किया
Aसीधा उत्तर
भारतीय फार्माकोपिया 2026 (10वां संस्करण) 121 नए मोनोग्राफ के साथ जारी; कुल 3,340 मोनोग्राफ हैं, जिनमें पहली बार रक्त घटक मानक शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
भारतीय फार्माकोपिया 2026 (दसवां संस्करण) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा 2 जनवरी, 2026 को डॉ. आंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में जारी किया गया।
आई.पी. 2026 में 121 नए मोनोग्राफ शामिल किए गए हैं, जिससे कुल संख्या 3,340 हो गई है और क्षयरोधी, मधुमेहरोधी तथा कैंसररोधी दवाओं का दायरा बढ़ाया गया है।
पहली बार, रक्त आधान चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाले रक्त घटकों के मानकों पर 20 मोनोग्राफ शामिल किए गए हैं। यह औषधि और सौंदर्य प्रसाधन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2020 के अनुरूप है।
भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आई.पी.सी.) भारत में निर्मित और विपणन की जाने वाली दवाओं के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी गुणवत्ता मानक निर्धारित करता है।
यह संस्करण वैश्विक स्तर पर दवा निर्माण और विनियमन में भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 2 जनवरी 2026 को डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में भारतीय फार्माकोपिया (IP 2026) का 10वां संस्करण जारी किया। इस संस्करण में 121 नए मोनोग्राफ शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 3,340 हो गई। इसमें टीबी-रोधी, मधुमेह-रोधी और कैंसर-रोधी दवाओं तथा 20 रक्त घटक मानकों का दायरा बढ़ाया गया है।
IP 2026 की एक उल्लेखनीय उपलब्धि यह है कि रक्ताधान चिकित्सा में उपयोग होने वाले रक्त घटकों के मोनोग्राफ पहली बार शामिल किए गए हैं। भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) भारत में निर्मित और विपणित दवाओं के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी गुणवत्ता मानक निर्धारित करता है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
RAS 2024 अफीम पोस्त के औषधीय महत्त्व और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग का विवरण दीजिए। — औषधीय मोनोग्राफ संदर्भ Indian Pharmacopoeia के औषधि मानक कवरेज विस्तार के समानांतर है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के औषधि विनियमन एवं वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय फार्माकोपिया 2026 दसवें संस्करण के महत्व को रेखांकित कीजिए।
उत्तर (50 शब्द): केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दो जनवरी 2026 को आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र पर भारतीय फार्माकोपिया 2026 का दसवां संस्करण जारी किया। इसमें 121 नई मोनोग्राफ जुड़कर कुल 3,340 हुईं, क्षय-रोधी, मधुमेह-रोधी एवं कर्क-रोधी दवाओं का दायरा बढ़ा, तथा औषधि एवं प्रसाधन द्वितीय संशोधन नियम 2020 के अनुरूप रक्त घटकों के पहले बीस मानक सम्मिलित किए गए।
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भारतीय फार्माकोपिया (IP 2026) का 10वां संस्करण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा जारी किया गया। IP 2026 में कुल कितने मोनोग्राफ हैं?
व्याख्या · सही उत्तर B
भारतीय फार्माकोपिया (IP 2026) का 10वां संस्करण 2 जनवरी, 2026 को जारी किया गया। इसमें 121 नए मोनोग्राफ शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 3,340 हो गई। इसमें क्षय-रोधी, मधुमेह-रोधी, कैंसर-रोधी दवाओं और 20 रक्त घटक मानकों का कवरेज बढ़ाया गया है। यह औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कानूनी रूप से लागू है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 2 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में भारतीय फार्माकोपिया (आईपी 2026) का दसवां संस्करण जारी किया।
भारतीय फार्माकोपिया 2026 में कितने मोनोग्राफ शामिल हैं?
इस संस्करण में 121 नए मोनोग्राफ शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 3,340 हो गई। इसमें 20 रक्त घटक मानकों के साथ क्षयरोग-रोधी, मधुमेह-रोधी और कैंसर-रोधी दवाओं का दायरा बढ़ाया गया है।
आईपी 2026 में रक्त घटकों से जुड़ी पहली बार कौन-सी नई बात शामिल की गई है?
आईपी 2026 में पहली बार आधान चिकित्सा में इस्तेमाल होने वाले रक्त घटकों के मोनोग्राफ शामिल किए गए हैं। यह औषधि और प्रसाधन सामग्री (दूसरा संशोधन) नियम, 2020 के प्रावधानों के अनुरूप है।
भारतीय फार्माकोपिया आयोग की क्या भूमिका है और दसवां संस्करण क्या दर्शाता है?
भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) भारत में निर्मित और विपणित दवाओं के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी गुणवत्ता मानक तय करता है। दसवां संस्करण वैश्विक स्तर पर औषधि निर्माण और विनियमन में भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।
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