RBI ने FY2025-26 के लिए GDP वृद्धि अनुमान को पहले के 6.8% से बढ़ाकर 7.3% किया, जिससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा दिखता है। मजबूत घरेलू खपत, बढ़ती निवेश गतिविधि और अच्छा मानसून इस संशोधन के प्रमुख कारण हैं। विनिर्माण PMI लगातार 55 से ऊपर रहा, यानी विस्तार की स्थिति बनी रही। सेवा क्षेत्र भी मजबूत पक्ष बना रहा। RBI का यह आकलन मौद्रिक ढील के दौर के साथ आया, जिसमें रेपो दर 5.25% और चरणबद्ध CRR कटौती शामिल है। लगातार दूसरे वर्ष सामान्य से अधिक बारिश से कृषि विकास को लाभ होने की उम्मीद है।