प्रकाशित: 12 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
जनवरी 2026 में नए CPI आधार वर्ष 2024=100 के आधार पर भारत की खुदरा महंगाई 2.75% रही
सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 12 फरवरी 2026 को संशोधित आधार वर्ष 2024=100 के आधार पर जनवरी 2026 का CPI डेटा जारी किया। यह पहले के 2012 आधार वर्ष से एक महत्वपूर्ण बदलाव है। खुदरा महंगाई 2.75% रही, जिसमें ग्रामीण महंगाई 2.73% और शहरी महंगाई 2.77% रही।
नई CPI श्रृंखला घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2023-24 पर आधारित है। एक प्रमुख संरचनात्मक परिवर्तन यह है कि संयुक्त सूचकांक में खाद्य और पेय पदार्थों का भार 2012 श्रृंखला के 45.86% से घटकर 2024 श्रृंखला में 36.75% हो गया है। यह भारत की आर्थिक प्रगति और बदलते उपभोग पैटर्न को दर्शाता है।
CPI बास्केट में नई जोड़ी गई वस्तुओं में OTT सदस्यता सेवाएं, ग्रामीण घर किराया, मूल्य-वर्धित डेयरी उत्पाद, पेन ड्राइव, बेबीसिटिंग सेवाएं और फिटनेस उपकरण शामिल हैं। उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) 2.13% (अनंतिम) दर्ज किया गया।
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संशोधित 2024 आधार-वर्ष वाली जनवरी 2026 की CPI विज्ञप्ति के अनुसार भारत की अखिल भारतीय वार्षिक CPI मुद्रास्फीति कितनी रही?
व्याख्या · सही उत्तर AMoSPI की जनवरी 2026 विज्ञप्ति में संशोधित CPI शृंखला का आधार-वर्ष 2024=100 है। इसी विज्ञप्ति के अनुसार अखिल भारतीय वार्षिक CPI मुद्रास्फीति 2.75% अस्थायी रही। ग्रामीण दर 2.73%, शहरी दर 2.77% और खाद्य मुद्रास्फीति अलग थी। इसलिए मुख्य अखिल भारतीय CPI उत्तर 2.75% है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नए CPI आधार वर्ष 2024=100 के तहत जनवरी 2026 में भारत की खुदरा महंगाई कितनी थी और यह डेटा कब जारी हुआ?
नए CPI आधार वर्ष 2024=100 के तहत जनवरी 2026 में भारत की खुदरा महंगाई 2.75% रही। MoSPI ने यह डेटा 12 फरवरी 2026 को जारी किया। 2024 आधार वर्ष ने पुरानी 2012 श्रृंखला की जगह ली।
CPI आधार वर्ष संशोधन क्यों महत्वपूर्ण है और यह कितनी बार होता है?
CPI आधार वर्ष संशोधन लगभग हर 10 वर्ष में मौजूदा उपभोग पैटर्न को बेहतर ढंग से दिखाने के लिए किया जाता है। 2012 श्रृंखला से 2024 श्रृंखला में बदलाव अहम है क्योंकि यह वस्तुओं की टोकरी और उनके भार को आज के वास्तविक घरेलू खर्च के हिसाब से अपडेट करता है।
नई CPI 2024 श्रृंखला में खाद्य एवं पेय का भार कैसे बदला?
नई CPI 2024 श्रृंखला में खाद्य एवं पेय का भार 42.62% (2012 श्रृंखला) से घटकर 36.75% हो गया। यह कमी दिखाती है कि भारतीय परिवारों का उपभोग अब खाने-पीने से आगे बढ़कर सेवाओं, निर्मित वस्तुओं और डिजिटल सदस्यताओं की ओर अधिक विविध हो रहा है।
2024 आधार वर्ष संशोधन में CPI बास्केट में कौन सी नई वस्तुएं जोड़ी गईं?
2024 CPI संशोधन में आधुनिक जीवनशैली को दिखाने वाली नई वस्तुएं जोड़ी गईं — जिनमें OTT (ओवर-द-टॉप स्ट्रीमिंग) सदस्यता और ग्रामीण किराया शामिल हैं। इनसे घरेलू बजट में डिजिटल सेवाओं और आवास लागत की बढ़ती हिस्सेदारी को जगह मिली है।
2.75% महंगाई का RBI की मौद्रिक नीति और उसके महंगाई लक्ष्य बैंड के लिए क्या अर्थ है?
2.75% पर भारत की खुदरा महंगाई RBI के 2–6% लचीले महंगाई लक्ष्य बैंड (मध्यबिंदु 4%) के भीतर अच्छी स्थिति में है। इससे RBI को मौद्रिक नीति में ढील देने — जैसे रेपो दर घटाने — की गुंजाइश मिलती है, और महंगाई बढ़ने का जोखिम भी कम रहता है।