मार्च 2026 में भारत के निजी क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधि तीन साल से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर आ गई। ईरान के साथ अमेरिका-इज़राइल युद्ध तेज़ होने से नए ऑर्डर और घरेलू मांग पर भारी असर पड़ा। एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई के अनुसार कारोबारी गतिविधियों में हाल के समय की सबसे तेज़ सुस्ती आई और नए ऑर्डर तीन साल से अधिक समय की सबसे धीमी गति से बढ़े। गोल्डमैन सैक्स ने भारत के 2026 के जीडीपी अनुमान को युद्ध से पहले के 7% से घटाकर 5.9% कर दिया। दो सप्ताह से भी कम समय में उसने दूसरी बार यह अनुमान घटाया। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आवागमन लगभग ठप रहने की स्थिति अप्रैल के मध्य तक बनी रहेगी। ब्रेंट क्रूड का औसत भाव मार्च में 105 डॉलर प्रति बैरल रहा और अप्रैल में 115 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। इसे 1970 के दशक के ऊर्जा संकट के बाद ऊर्जा आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधा बताया गया है। 2026 में अब तक रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4% गिर चुका है। गोल्डमैन सैक्स ने भारत की 2026 की मुद्रास्फीति का अनुमान पहले के 3.9% से बढ़ाकर 4.6% कर दिया है और नीतिगत रेपो दर में 50 आधार अंक की वृद्धि का अनुमान जताया है। वित्त वर्ष 2025-26 में 17 मार्च तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.19% बढ़कर 22.80 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसमें कॉर्पोरेट और गैर-कॉर्पोरेट करों में हुई बढ़ोतरी का योगदान रहा।
पश्चिम एशिया संघर्ष के असर से मार्च में भारत के निजी क्षेत्र की वृद्धि तीन साल से अधिक समय के निचले स्तर पर
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण मार्च 2026 में भारत का कंपोजिट पीएमआई तीन साल से अधिक समय के निचले स्तर पर आ गया। गोल्डमैन सैक्स ने भारत का जीडीपी अनुमान घटाकर 5.9% कर दिया, जबकि ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल रहा और 2026 में रुपया 4% कमज़ोर हुआ।
मुख्य तथ्य
- मार्च 2026 में भारत के निजी क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधि तीन साल से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर आ गई। एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई के अनुसार नए ऑर्डर तीन साल से अधिक समय की सबसे धीमी गति से बढ़े।
- गोल्डमैन सैक्स ने भारत के 2026 के जीडीपी अनुमान को युद्ध से पहले के 7% से घटाकर 5.9% कर दिया और इसका कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आवागमन लगभग ठप होना बताया।
- ब्रेंट क्रूड का औसत भाव मार्च में 105 डॉलर प्रति बैरल रहा और अप्रैल में 115 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। इसे 1970 के दशक के ऊर्जा संकट के बाद ऊर्जा आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधा बताया गया है।
- 2026 में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4% गिरा है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि भारत की 2026 की मुद्रास्फीति बढ़कर 4.6% हो जाएगी और रेपो दर में 50 आधार अंक की वृद्धि होगी।
- वित्त वर्ष 2025-26 में 17 मार्च तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.19% बढ़कर 22.80 लाख करोड़ रुपये हो गया।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2023 भारतीय रिज़र्व बैंक का मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढाँचा क्या है? — RBI के मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढाँचे की सीधी जाँच होती है क्योंकि मार्च 2026 के पूर्वानुमान तेल-जनित मुद्रास्फीति के बीच रेपो दर वृद्धि को प्रेरित करते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: चर्चा कीजिए कि पश्चिम एशिया संघर्ष का असर मार्च 2026 के भारत के समष्टि-आर्थिक संकेतकों पर कैसे पड़ा और किन नीतिगत प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता है।
उत्तर (50 शब्द):
ईरान के साथ अमेरिका-इज़राइल युद्ध से होर्मुज़ जलडमरूमध्य में आवागमन बाधित हुआ और मार्च 2026 में एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई तीन साल से अधिक समय के निचले स्तर पर आ गया। गोल्डमैन सैक्स ने जीडीपी अनुमान घटाकर 5.9% किया; ब्रेंट 105 डॉलर प्रति बैरल रहा, रुपया 4% गिरा, मुद्रास्फीति अनुमान 4.6% हुआ और रेपो दर में 50 आधार अंक की वृद्धि अपेक्षित है।
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पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर का पूर्वानुमान कितना कर दिया?
गोल्डमैन सैक्स ने भारत का 2026 जीडीपी पूर्वानुमान 7% के पूर्व-ईरान युद्ध अनुमान से घटाकर 5.9% कर दिया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य व्यवधान और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के कारण दो सप्ताह से कम समय में दूसरी कटौती है।
स्रोत: CNBC
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण गोल्डमैन सैक्स ने भारत के 2026 के जीडीपी अनुमान में कितनी कटौती की?
**गोल्डमैन सैक्स** ने भारत के **2026 के जीडीपी अनुमान को युद्ध से पहले के 7% से घटाकर 5.9%** कर दिया, यानी इसमें 1.1 प्रतिशत अंक की कटौती की गई। दो सप्ताह से भी कम समय में उसने **दूसरी बार यह अनुमान घटाया**। इसका कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आवागमन लगभग ठप होना बताया गया।
एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई मार्च 2026 के लिए क्या दर्शाता है और इसका क्या अर्थ है?
**एचएसबीसी इंडिया कंपोजिट पीएमआई** के अनुसार मार्च 2026 में भारत के निजी क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधि **तीन साल से अधिक समय के निचले स्तर** पर आ गई। ईरान के साथ अमेरिका-इज़राइल युद्ध तेज़ होने और उसके आर्थिक असर के कारण नए ऑर्डर **तीन साल से अधिक समय की सबसे धीमी गति** से बढ़े।
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार मार्च और अप्रैल 2026 में ब्रेंट क्रूड की कीमतें क्या रहने का अनुमान है?
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, **मार्च 2026 में ब्रेंट क्रूड का औसत भाव 105 डॉलर प्रति बैरल** और **अप्रैल 2026 में 115 डॉलर प्रति बैरल** रहने का अनुमान है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आवागमन लगभग ठप होने के कारण इसे **1970 के दशक के ऊर्जा संकट के बाद ऊर्जा आपूर्ति में सबसे बड़ी बाधा** बताया गया है।
2026 में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कितना गिरा है और मुद्रास्फीति का अनुमान क्या है?
2026 में **भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4% गिरा** है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि भारत की **2026 की मुद्रास्फीति बढ़कर 4.6%** हो जाएगी, जो पहले के 3.9% अनुमान से अधिक है, और **नीतिगत रेपो दर में 50 आधार अंक की वृद्धि** होगी।
वित्त वर्ष 2025-26 में 17 मार्च 2026 तक भारत का प्रत्यक्ष कर संग्रह कितना रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में 17 मार्च 2026 तक भारत का **शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 7.19% बढ़कर 22.80 लाख करोड़ रुपये** हो गया। कॉर्पोरेट और गैर-कॉर्पोरेट करों में बढ़ोतरी से यह वृद्धि हुई, जो पश्चिम एशिया संघर्ष के बाहरी आर्थिक झटके के बावजूद कर संग्रह की मज़बूती दिखाती है।
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