केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 5 मार्च 2026 को ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे चार नदीय प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी। लगभग ₹84 करोड़ की लागत वाली यह भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों पर प्रकाशस्तंभ बनाने की पहली परियोजना है। ये चार स्थल असम के बोगीबील, पांडु, सिलघाट और बिश्वनाथ घाट हैं।

प्रत्येक प्रकाशस्तंभ 20 मीटर ऊंचा होगा और पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलेगा। राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (ब्रह्मपुत्र नदी) पर पोतों की सुरक्षा के लिए इनमें नौवहन सहायक उपकरण लगाए जाएंगे। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का लक्ष्य राष्ट्रीय जलमार्ग-2 को व्यावसायिक रूप से उपयोगी परिवहन मार्ग बनाना है; यह परियोजना उसी दिशा में एक कदम है। इससे सड़क परिवहन के मुकाबले रसद लागत और कार्बन उत्सर्जन कम होंगे।