प्रकाशित: 7 मार्च 2026अर्थव्यवस्था
ब्रह्मपुत्र के किनारे चार नदीय प्रकाशस्तंभों की आधारशिला — भारत के पहले अंतर्देशीय जलमार्ग प्रकाशस्तंभ
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 5 मार्च 2026 को ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे चार नदीय प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी। लगभग ₹84 करोड़ की लागत वाली यह भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों पर प्रकाशस्तंभ बनाने की पहली परियोजना है। ये चार स्थल असम के बोगीबील, पांडु, सिलघाट और बिश्वनाथ घाट हैं।
प्रत्येक प्रकाशस्तंभ 20 मीटर ऊंचा होगा और पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलेगा। राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (ब्रह्मपुत्र नदी) पर पोतों की सुरक्षा के लिए इनमें नौवहन सहायक उपकरण लगाए जाएंगे। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का लक्ष्य राष्ट्रीय जलमार्ग-2 को व्यावसायिक रूप से उपयोगी परिवहन मार्ग बनाना है; यह परियोजना उसी दिशा में एक कदम है। इससे सड़क परिवहन के मुकाबले रसद लागत और कार्बन उत्सर्जन कम होंगे।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ब्रह्मपुत्र के किनारे जिन चार नदीय प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी गई, वे कहाँ स्थित हैं?
चार नदीय प्रकाशस्तंभ **बोगीबील**, **पांडु**, **सिलघाट** और **बिश्वनाथ घाट** में बनाए जाएंगे। ये सभी स्थल **असम** में हैं। केंद्रीय मंत्री **सर्बानंद सोनोवाल** ने **5 मार्च 2026** को इनकी आधारशिला रखी। लगभग **₹84 करोड़** की लागत से बनने वाले ये भारत के पहले अंतर्देशीय जलमार्ग प्रकाशस्तंभ हैं।
ब्रह्मपुत्र के नदीय प्रकाशस्तंभ भारत में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ये भारत में **अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए पहली प्रकाशस्तंभ परियोजना** है। इससे **भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण** को **राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (ब्रह्मपुत्र नदी)** को माल ढुलाई के लिए व्यावसायिक रूप से उपयोगी प्रमुख मार्ग बनाने में मदद मिलेगी।
ब्रह्मपुत्र के चार अंतर्देशीय जलमार्ग प्रकाशस्तंभों में कौन-सी तकनीक और सुरक्षा सुविधाएं होंगी?
ब्रह्मपुत्र का प्रत्येक नदीय प्रकाशस्तंभ **20 मीटर ऊंचा होगा और पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलेगा**। पोतों की सुरक्षा के लिए इनमें नौवहन सहायक उपकरण लगाए जाएंगे। लगभग **₹84 करोड़** की यह परियोजना राष्ट्रीय जलमार्ग-2 का हिस्सा है।
2026 में भारत के पहले अंतर्देशीय जलमार्ग प्रकाशस्तंभों की आधारशिला किस मंत्री ने रखी?
**केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल** (बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग) ने **5 मार्च 2026** को असम में **ब्रह्मपुत्र नदी** के किनारे भारत के पहले चार अंतर्देशीय जलमार्ग प्रकाशस्तंभों की आधारशिला रखी।
राष्ट्रीय जलमार्ग-2 क्या है और ब्रह्मपुत्र के प्रकाशस्तंभ इसके विकास में कैसे मदद करेंगे?
**राष्ट्रीय जलमार्ग-2** असम की **ब्रह्मपुत्र नदी** है और भारत के प्रमुख अंतर्देशीय जलमार्गों में से एक है। **बोगीबील, पांडु, सिलघाट और बिश्वनाथ घाट** में सौर ऊर्जा से चलने वाले नदीय प्रकाशस्तंभ पोतों की सुरक्षा के लिए नौवहन सहायक उपकरण उपलब्ध कराएंगे और इस जलमार्ग को व्यावसायिक रूप से उपयोगी परिवहन मार्ग बनाने में मदद करेंगे।