15 नवंबर 2025 को भारत ने जनजातीय गौरव दिवस मनाया — झारखंड के मुंडा समुदाय के महान जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक नेता भगवान बिरसा मुंडा (1875–1900) की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले से राष्ट्रीय समारोहों का नेतृत्व करते हुए जनजातीय कल्याण के लिए ₹9,700 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। 'धरती आबा' के नाम से प्रसिद्ध बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक उत्पीड़न और शोषणकारी जमींदारी व्यवस्था के विरुद्ध 'उलगुलान' (महान आंदोलन) का नेतृत्व किया। 2024–25 को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित किया गया है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों के इतिहास को संरक्षित करने के लिए देशभर में 11 जनजातीय संग्रहालय स्थापित करने की घोषणा की। राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों — डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर — में भील, मीणा, गरासिया और सहरिया जनजातियों के योगदान को राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में मान्यता दी गई।
जनजातीय गौरव दिवस 2025: प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय उत्सव का नेतृत्व किया
15 नवंबर 2025 को भारत ने जनजातीय गौरव दिवस मनाया — झारखंड के मुंडा समुदाय के महान जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक नेता भगवान बिरसा मुंडा (1875–1900) की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले से राष्ट्रीय समारोहों का नेतृत्व करते हुए जनजातीय कल्याण के लिए ₹9,700 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। 'धरती आबा' के नाम से प्रसिद्ध बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक उत्पीड़न और शोषणकारी जमींदारी व्यवस्था के विरुद्ध 'उलगुलान' (महान आंदोलन) का नेतृत्व किया। 2024–25 को जनजातीय गौरव वर्ष घोषित किया गया है। जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों के इतिहास को संरक्षित करने के लिए देशभर में 11 जनजातीय संग्रहालय स्थापित करने की घोषणा की। राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों — डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर — में भील, मीणा, गरासिया और सहरिया जनजातियों के योगदान को राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में मान्यता दी गई।
मुख्य तथ्य
- 2025 में जनजातीय गौरव दिवस 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के रूप में मनाया गया।
- PM मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले से राष्ट्रीय समारोहों की अगुवाई की।
- जनजातीय कल्याण के लिए ₹9,700 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ।
- सरकार ने देशभर में 11 जनजातीय संग्रहालय स्थापित करने की घोषणा की।
- बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी में ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध 'उलगुलान' आंदोलन का नेतृत्व किया।
- राजस्थान की भील, मीणा, गरासिया और सहरिया जनजातियों को राज्य कार्यक्रमों में सम्मानित किया गया।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2024 जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने के संदर्भ में भारत सरकार द्वारा जनजातीय कल्याण के लिए उठाई गई विभिन्न पहलों का उल्लेख कीजिए। — जनजातीय कल्याण पहलों का प्रत्यक्ष उदाहरण Janjatiya Gaurav Divas के आवास, जल और Eklavya School क्रियान्वयन से मिलता है।
- RAS 2024 राजस्थान में सहरिया जनजाति के आवास, अर्थव्यवस्था और समाज का वर्णन कीजिए तथा सहरिया जनजाति के उत्थान के लिए सरकार की नीतियों की विवेचना कीजिए। — राजस्थान की Saharia जनजाति और सरकारी उत्थान नीतियाँ, Saharia योगदान को मान्यता देने वाले राज्य-स्तरीय समारोह से जुड़ती हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जनजातीय कल्याण एवं ऐतिहासिक मान्यता के लिए जनजातीय गौरव दिवस 2025 तथा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती समारोहों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
15 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने नर्मदा, गुजरात से जनजातीय गौरव दिवस का नेतृत्व करते हुए बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई तथा 9,700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं, एक लाख आवास, ग्यारह जनजातीय संग्रहालय एवं बयालीस एकलव्य विद्यालय आरंभ किए। राजस्थान की भील, मीणा, गरासिया एवं सहरिया जनजातियों को स्वतंत्रता संग्राम योगदान के लिए राज्य-स्तरीय मान्यता मिली।
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15 नवंबर 2025 को मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस केंद्र सरकार के किस स्मरण-कार्यक्रम से जुड़ा था?
15 नवंबर 2025 को जनजातीय गौरव दिवस भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के स्मरण से जुड़ा था। प्रधानमंत्री ने गुजरात के डेडियापाड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया और इसे भारत के जनजातीय समुदायों के योगदान तथा भविष्य की आकांक्षाओं से जोड़ा।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनजातीय गौरव दिवस कब मनाया जाता है और 15 नवंबर का क्या महत्व है?
जनजातीय गौरव दिवस प्रत्येक वर्ष 15 नवंबर को मनाया जाता है। यह तिथि झारखंड के मुंडा समुदाय के महान जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक नेता भगवान बिरसा मुंडा (15 नवंबर 1875 को जन्मे) की जयंती है।
2025 के जनजातीय गौरव दिवस समारोह का क्या महत्व है?
2025 का जनजातीय गौरव दिवस भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के रूप में मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले से राष्ट्रीय समारोहों का नेतृत्व किया और जनजातीय कल्याण के लिए ₹9,700 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
बिरसा मुंडा को किस नाम से जाना जाता था और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका क्या योगदान था?
बिरसा मुंडा को 'धरती आबा' (पृथ्वी के पिता) के नाम से जाना जाता था। उन्होंने 19वीं सदी में ब्रिटिश औपनिवेशिक शोषण और दमनकारी जमींदारी व्यवस्था के विरुद्ध 'उलगुलान' आंदोलन का नेतृत्व किया।
जनजातीय गौरव दिवस 2025 के दौरान जनजातीय संग्रहालयों के बारे में क्या घोषणा की गई?
जनजातीय गौरव दिवस 2025 के अवसर पर सरकार ने देशभर में 11 जनजातीय संग्रहालय स्थापित करने की घोषणा की। ये संग्रहालय भारत के जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और प्रदर्शित करने के लिए बनाए जाएंगे।
जनजातीय गौरव दिवस 2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में राजस्थान की कौन-सी जनजातियों को सम्मानित किया गया?
जनजातीय गौरव दिवस 2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में राजस्थान की भील, मीणा, गरासिया और सहरिया जनजातियों को उनकी सांस्कृतिक विरासत और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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