उदयपुर ने 14 अक्टूबर 2025 को व्यस्त फतेहपुरा चौराहे पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में AI-संचालित ट्रैफिक सिग्नल प्रबंधन प्रणाली शुरू की। इस प्रणाली में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों और सेंसरों से वाहनों की वास्तविक समय में निगरानी की जाती है और ट्रैफिक घनत्व के अनुसार सिग्नल की अवधि अपने-आप बदलती है।

कम ट्रैफिक वाली लेन को कम हरा सिग्नल और भीड़भाड़ वाली लेन को अधिक समय मिलता है। ध्वनि सेंसर एम्बुलेंस और दमकल के सायरन पहचानकर प्राथमिकता मार्ग के लिए अपने-आप हरा सिग्नल देते हैं। सफल होने पर इसे उदयपुर के अन्य प्रमुख चौराहों पर भी लगाया जाएगा।