सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 20 अप्रैल 2026 को प्रकाशित प्रेस सूचना ब्यूरो की पृष्ठभूमि सामग्री के ज़रिए स्माइल योजना — हाशिए के व्यक्तियों के लिए आजीविका एवं उद्यम सहायता — की नई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। 12 फरवरी 2022 को आरंभ की गई स्माइल भारत की पहली एकीकृत राष्ट्रीय रूपरेखा है, जो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तथा भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के लिए सहायता देती है। इसमें पहचान, बचाव, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, परामर्श, कौशल विकास और आर्थिक स्वावलंबन शामिल हैं। 2021–22 से 2025–26 के लिए कुल योजना परिव्यय बढ़ाकर ₹390 करोड़ कर दिया गया है — ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए ₹265 करोड़ और भिक्षावृत्ति पुनर्वास के लिए ₹125 करोड़ — जो 2021–22 और 2025–26 के बीच वार्षिक आवंटन में 225% की वृद्धि दर्शाता है। विज्ञप्ति बताती है कि 181 शहरों में भिक्षावृत्ति में लगे 31,055 व्यक्तियों की पहचान हुई और 9,935 का पुनर्वास हुआ, जो लगभग 32% की दर है। 17 राज्यों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए 21 गरिमा गृह आश्रय गृह संचालित हैं, और अगस्त 2025 में तीन अतिरिक्त गृह स्वीकृत किए गए। आयुष्मान भारत टीजी प्लस के अंतर्गत पात्र ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में लिंग-पुष्टि देखभाल, हार्मोन चिकित्सा तथा लिंग पुनर्निर्धारण शल्यक्रिया सहित ₹5 लाख का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलता है। अन्य सहायक संस्थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय परिषद तथा राज्य कल्याण बोर्ड और संरक्षण प्रकोष्ठ शामिल हैं। यह प्रगति रिपोर्ट हाशिए के समूहों के समावेशन के उपाय के रूप में कक्षा IX से स्नातकोत्तर तक के ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियों का भी उल्लेख करती है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 20 अप्रैल 2026 को स्माइल योजना की प्रगति रिपोर्ट जारी की; ₹390 करोड़ का परिव्यय, भिक्षावृत्ति में लगे 31,055 लोगों की पहचान और 17 राज्यों में 21 गरिमा गृह आश्रय
20 अप्रैल 2026 को प्रकाशित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की विज्ञप्ति में स्माइल योजना की प्रगति बताई गई है — ₹390 करोड़ परिव्यय (₹265 करोड़ ट्रांसजेंडर, ₹125 करोड़ भिक्षावृत्ति), 181 शहरों में भिक्षावृत्ति से प्रभावित 31,055 व्यक्तियों की पहचान और 9,935 का पुनर्वास, 17 राज्यों में 21 गरिमा गृह आश्रय संचालित, तथा ₹5 लाख वार्षिक आयुष्मान भारत टीजी प्लस स्वास्थ्य कवर।
मुख्य तथ्य
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 20 अप्रैल 2026 को PIB के माध्यम से स्माइल योजना की पृष्ठभूमि सामग्री प्रकाशित की।
- स्माइल — हाशिए के व्यक्तियों के लिए आजीविका एवं उद्यम सहायता — को 12 फरवरी 2022 को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तथा भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के लिए भारत की पहली एकीकृत राष्ट्रीय रूपरेखा के रूप में आरंभ किया गया।
- 2021–22 से 2025–26 के लिए कुल योजना परिव्यय ₹390 करोड़ है — ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए ₹265 करोड़ तथा भिक्षावृत्ति पुनर्वास के लिए ₹125 करोड़, जो 2021–22 और 2025–26 के बीच वार्षिक आवंटन में 225% की वृद्धि दर्शाता है।
- 181 शहरों में भिक्षावृत्ति में लगे 31,055 व्यक्तियों की पहचान हुई है तथा 9,935 का पुनर्वास हुआ है।
- 17 राज्यों में 21 गरिमा गृह आश्रय गृह संचालित हैं; अगस्त 2025 में 3 अतिरिक्त गृह स्वीकृत किए गए।
- पात्र ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को आयुष्मान भारत टीजी प्लस के अंतर्गत ₹5 लाख की वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त होती है, जिसमें लिंग-पुष्टि देखभाल, हार्मोन चिकित्सा तथा सूचीबद्ध अस्पतालों में लिंग पुनर्निर्धारण शल्यक्रिया शामिल है।
- सहायक संस्थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय परिषद तथा राज्य कल्याण बोर्ड और संरक्षण प्रकोष्ठ शामिल हैं; ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को कक्षा IX से स्नातकोत्तर तक छात्रवृत्तियाँ भी प्रदान की जाती हैं।
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21 अप्रैल 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने जिस स्माइल योजना की प्रगति रेखांकित की, उसका पूर्ण रूप निम्नलिखित में से क्या है?
स्माइल का पूर्ण रूप हाशिए के व्यक्तियों के लिए आजीविका एवं उद्यम सहायता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने इसे 12 फरवरी 2022 को आरंभ किया। यह भारत की पहली एकीकृत राष्ट्रीय रूपरेखा है, जो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भिक्षावृत्ति में लगे लोगों को पहचान, बचाव, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, परामर्श, कौशल विकास और आर्थिक स्वावलंबन में सहायता देती है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्माइल योजना का पूर्ण रूप क्या है और इसे किसने आरंभ किया?
स्माइल का पूर्ण रूप है हाशिए के व्यक्तियों के लिए आजीविका एवं उद्यम सहायता। इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 12 फरवरी 2022 को ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तथा भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के लिए पहचान, बचाव, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, परामर्श, कौशल विकास तथा आर्थिक स्वावलंबन को शामिल करते हुए भारत की पहली एकीकृत राष्ट्रीय रूपरेखा के रूप में आरंभ किया।
2021–22 से 2025–26 के लिए स्माइल का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?
2021–22 से 2025–26 के लिए कुल योजना परिव्यय ₹390 करोड़ है — ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए ₹265 करोड़ और भिक्षावृत्ति पुनर्वास के लिए ₹125 करोड़। इससे 2021–22 और 2025–26 के बीच वार्षिक आवंटन में 225% की वृद्धि दिखती है।
कितने गरिमा गृह आश्रय चल रहे हैं और वे कहाँ हैं?
20 अप्रैल 2026 को प्रकाशित स्माइल की पृष्ठभूमि सामग्री के अनुसार, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए 21 गरिमा गृह आश्रय 17 राज्यों में चल रहे हैं और अगस्त 2025 में 3 अतिरिक्त गृह स्वीकृत किए गए। इन आश्रयों में आवास, भोजन, चिकित्सा देखभाल, मनोरंजन की सुविधाएँ तथा कौशल विकास उपलब्ध कराया जाता है।
आयुष्मान भारत टीजी प्लस ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को क्या लाभ देता है?
आयुष्मान भारत टीजी प्लस के अंतर्गत पात्र ट्रांसजेंडर लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹5 लाख का वार्षिक स्वास्थ्य कवर मिलता है। इस कवर में विशेष रूप से लिंग-पुष्टि देखभाल, हार्मोन चिकित्सा तथा लिंग पुनर्निर्धारण शल्यक्रिया शामिल हैं, जो पहले मुख्यधारा के स्वास्थ्य बीमा में उपलब्ध नहीं थीं।
स्माइल के अंतर्गत भिक्षावृत्ति से प्रभावित कितने व्यक्तियों की पहचान और पुनर्वास हुआ है?
20 अप्रैल 2026 की पृष्ठभूमि सामग्री के अनुसार, स्माइल के अंतर्गत 181 शहरों में भिक्षावृत्ति में लगे 31,055 व्यक्तियों की पहचान हुई और 9,935 का पुनर्वास हुआ, जो लगभग 32% की दर है। इस योजना का क्रियान्वयन राज्य और शहर स्तर के भागीदारों से होता है, जिसमें आश्रय गृह चलाने वाले एनजीओ को अनुदान सहायता दी जाती है।
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