पितृ पक्ष 2025, पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने की 16 दिवसीय हिंदू अवधि, 7 सितंबर को पूर्ण चंद्र ग्रहण के साथ शुरू हुई। इस दौरान हिंदू दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने के लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं। चंद्र ग्रहण के साथ संयोग होने पर यह अवधि विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। वाराणसी, गया और हरिद्वार जैसे पवित्र शहरों में तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ी। पितृ पक्ष महालय अमावस्या के साथ समाप्त होता है, जिसके बाद शरद नवरात्रि से उत्सवों का दौर शुरू होता है।