भारतीय सेना ने 15 जनवरी 2026 को जयपुर, राजस्थान में अपना 78वाँ सेना दिवस मनाया — पहली बार सेना दिवस परेड किसी सैन्य छावनी के बाहर, शहर के केंद्र में जगतपुरा के महल रोड पर आयोजित की गई, जो अक्षयपात्र सर्कल से शुरू होकर बॉम्बे हॉस्पिटल पर समाप्त हुई। इस ऐतिहासिक परेड से पहले 13 जनवरी 2026 को मार्ग की पुष्टि, पंजीकरण विवरण और राजस्थान सरकार एवं जयपुर प्रशासन द्वारा विस्तृत सुरक्षा और नागरिक तैयारियों की महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी को सम्मान की बात बताया। परेड में स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों, उन्नत टैंकों, ड्रोन और वायु-रोधी तथा टैंक-रोधी हथियार प्रणालियों सहित सेना की आधुनिक युद्ध तैयारी का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राजस्थानी कलबेलिया और गैर नृत्य शामिल थे। शाम को शौर्य संध्या में ऑपरेशन सिंदूर का मंचन और 1,000 ड्रोन का शानदार प्रकाश प्रदर्शन हुआ। 15 लाख से अधिक नागरिकों ने परेड को प्रत्यक्ष देखा, जिससे राजस्थान के लोगों और भारतीय सेना के बीच मजबूत बंधन दिखाई दिया।
78वीं सेना दिवस परेड जयपुर में छावनी के बाहर पहली बार आयोजित: महल रोड पर ऐतिहासिक समारोह
भारतीय सेना ने 15 जनवरी 2026 को जयपुर, राजस्थान में अपना 78वाँ सेना दिवस मनाया। पहली बार सेना दिवस परेड किसी सैन्य छावनी के बाहर, शहर के केंद्र में जगतपुरा के महल रोड पर आयोजित की गई, जो अक्षयपात्र सर्कल से शुरू होकर बॉम्बे हॉस्पिटल पर समाप्त हुई। इस ऐतिहासिक परेड से पहले 13 जनवरी 2026 को मार्ग की पुष्टि, पंजीकरण विवरण और राजस्थान सरकार एवं जयपुर प्रशासन द्वारा विस्तृत सुरक्षा और नागरिक तैयारियों की महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी को सम्मान की बात बताया। परेड में स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों, उन्नत टैंकों, ड्रोन और वायु-रोधी तथा टैंक-रोधी हथियार प्रणालियों सहित सेना की आधुनिक युद्ध तैयारी का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राजस्थानी कलबेलिया और गैर नृत्य शामिल थे। शाम को शौर्य संध्या में ऑपरेशन सिंदूर का मंचन और 1,000 ड्रोन का शानदार प्रकाश प्रदर्शन हुआ। एक लाख से अधिक दर्शकों ने परेड को प्रत्यक्ष देखा, जिससे राजस्थान के लोगों और भारतीय सेना के बीच मजबूत बंधन दिखाई दिया।
मुख्य तथ्य
- 15 लाख से अधिक नागरिकों ने जयपुर के महल रोड पर 78वीं सेना दिवस परेड को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
- शाम को 'शौर्य संध्या' में ऑपरेशन सिंदूर का मंचन और 1,000 ड्रोन वाला प्रकाश शो हुआ।
- कालबेलिया और गैर लोकनृत्य तथा चेंडा सांस्कृतिक दल की प्रस्तुतियाँ सांस्कृतिक आकर्षण रहीं।
- परेड जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में अक्षयपात्र सर्किल से बॉम्बे हॉस्पिटल तक चली।
- यह पहली बार था जब भारत में सेना दिवस परेड सैन्य छावनी के बाहर आयोजित हुई।
- सेना का व्यापक उद्देश्य देशभर में नागरिक आबादी से जुड़ाव बढ़ाना है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 78वें सेना दिवस परेड का जयपुर में आयोजन — पहली बार सैन्य छावनी के बाहर — नागरिक-सैन्य संबंधों के लिए इसके महत्व की चर्चा करें।
उत्तर (50 शब्द):
15 जनवरी 2026 को जयपुर में महल रोड पर 78वीं सेना दिवस परेड आयोजित हुई, जो पहली बार सैन्य छावनी के बाहर हुई। एक लाख से अधिक दर्शकों ने स्वदेशी मिसाइलों, टैंकों और ड्रोन प्रौद्योगिकी के प्रदर्शन के साथ राजस्थानी कालबेलिया और गैर लोक नृत्य देखे, जो प्रत्यक्ष जनसंपर्क द्वारा नागरिक-सैन्य संबंध मजबूत करने की सेना की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
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15 जनवरी 2026 को 78वीं सेना दिवस परेड जयपुर की किस सड़क पर आयोजित की गई?
78वीं सेना दिवस परेड जगतपुरा की महल रोड पर हुई। इसका मार्ग अक्षय पात्र सर्किल से शुरू होकर बॉम्बे हॉस्पिटल पर समाप्त हुआ। पहली बार यह परेड किसी सैन्य छावनी के बाहर आयोजित की गई।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
78वीं सेना दिवस परेड कहाँ आयोजित हुई और यह ऐतिहासिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण थी?
78वीं सेना दिवस परेड 15 जनवरी 2026 को जयपुर, राजस्थान के जगतपुरा स्थित महल रोड पर हुई। यह ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह पहली बार था जब सेना दिवस परेड किसी सैन्य छावनी के बाहर आयोजित हुई, जिससे यह आम नागरिकों के लिए सीधे सुलभ बनी।
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड का मार्ग क्या था?
परेड का मार्ग जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में महल रोड पर अक्षयपात्र सर्कल से बॉम्बे हॉस्पिटल तक था। इस मार्ग पर एक लाख से अधिक दर्शकों ने परेड प्रत्यक्ष देखी।
'शौर्य संध्या' क्या थी और 78वें सेना दिवस समारोह में इसकी क्या खास बातें रहीं?
'शौर्य संध्या' जयपुर में 78वें सेना दिवस समारोह के तहत आयोजित सांस्कृतिक और सैन्य संध्या थी। इसमें ऑपरेशन सिंदूर का मंचन और 1,000 ड्रोन का प्रकाश शो प्रमुख आकर्षण रहे, जिनसे सैन्य विरासत और तकनीकी क्षमता दोनों प्रदर्शित हुईं।
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड में कौन-से राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए?
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड में कालबेलिया और गैर लोकनृत्य सांस्कृतिक आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किए गए, साथ ही चेंडा सांस्कृतिक दल की प्रस्तुति भी हुई। इन प्रस्तुतियों ने राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व किया।
भारतीय सेना द्वारा अपनी वार्षिक परेड को छावनी से बाहर आयोजित करने का व्यापक उद्देश्य क्या है?
सेना का व्यापक उद्देश्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अपने प्रमुख वार्षिक आयोजन को सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित कर आम नागरिकों से जुड़ना है। जयपुर में परेड का उद्देश्य सेना की भूमिका के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, सेना और नागरिकों के रिश्ते को मजबूत करना और राजस्थान की मजबूत सैन्य परंपरा का जश्न मनाना था।
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