विश्व बैंक ने भारत-गंगा मैदान वायु प्रदूषण पर 'अ ब्रीथ ऑफ चेंज' रिपोर्ट जारी की
Aसीधा उत्तर
विश्व बैंक की 'अ ब्रीथ ऑफ चेंज' रिपोर्ट: भारत-गंगा क्षेत्र में वायु प्रदूषण से हर वर्ष 21 लाख मौतें; GDP का 3.5% नुकसान; 4Is ढांचा।
मुख्य तथ्य
विश्व बैंक ने 29 जनवरी 2026 को A Breath of Change रिपोर्ट जारी की, जो Indo-Gangetic Plains और Himalayan Foothills में वायु प्रदूषण पर केंद्रित है; इन क्षेत्रों में लगभग एक अरब लोग रहते हैं।
रिपोर्ट में 4Is ढांचा प्रस्तावित किया गया है: सूचना, प्रोत्साहन, संस्थान, बुनियादी ढांचा।
भारत में वायु प्रदूषण के कारण हर साल अनुमानित 21 लाख असामयिक मौतें होती हैं; आर्थिक नुकसान GDP का 3.5% है।
फसल अवशेष जलाना दिल्ली-NCR में शीतकालीन प्रदूषण में 30% योगदान देता है; रिपोर्ट रियल-टाइम निगरानी, स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन पर सब्सिडी, ईंट भट्टों के आधुनिकीकरण और EV अपनाने के लिए प्रोत्साहन की सिफारिश करती है।
विश्व बैंक ने 29 जनवरी 2026 को 'अ ब्रीथ ऑफ चेंज' शीर्षक से रणनीतिक रिपोर्ट जारी की, जो भारत-गंगा मैदान और हिमालयी तलहटी के वायु प्रदूषण पर केंद्रित है -- यह क्षेत्र लगभग एक अरब लोगों से जुड़ा है। रिपोर्ट में '4Is ढांचा' (सूचना, प्रोत्साहन, संस्थान, अवसंरचना) प्रस्तावित किया गया है।
प्रमुख निष्कर्ष: वायु प्रदूषण से भारत में सालाना अनुमानित 21 लाख असमय मौतें; GDP का 3.5% आर्थिक नुकसान; दिल्ली-NCR में शीतकालीन प्रदूषण का 30% पराली दहन से; राज्यों के बीच सीमापार सहयोग आवश्यक। रिपोर्ट तत्काल वायु गुणवत्ता निगरानी, स्वच्छ ईंधन सब्सिडी, और ईवी प्रोत्साहन की सिफारिश करती है।
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विश्व बैंक की 'ए ब्रेथ ऑफ चेंज' रिपोर्ट में भारत-गंगा के मैदानों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रस्तावित 4आई रूपरेखा में कौन-कौन से घटक शामिल हैं?
व्याख्या · सही उत्तर D
विश्व बैंक की 'ए ब्रेथ ऑफ चेंज' रिपोर्ट में '4आई फ्रेमवर्क' का तात्पर्य सूचना, प्रोत्साहन, संस्थान और अवसंरचना से है — ये चार स्तंभ भारत-गंगा के मैदानों और हिमालयी तलहटी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की समस्या से निपटने के आधार हैं।
सत्यापित
स्रोत: स्रोत विवरण उपलब्ध नहीं है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनवरी 2026 में विश्व बैंक ने भारत में वायु प्रदूषण पर कौन सी रिपोर्ट जारी की?
विश्व बैंक ने **29 जनवरी 2026** को **'A Breath of Change'** रिपोर्ट जारी की, जो **इंडो-गंगेटिक मैदानों और हिमालयी तलहटी** में वायु प्रदूषण पर केंद्रित है — इस क्षेत्र में लगभग **एक अरब लोग** रहते हैं। इसमें **'4Is फ्रेमवर्क'** का प्रस्ताव किया गया है।
विश्व बैंक रिपोर्ट के अनुसार भारत में वायु प्रदूषण की आर्थिक लागत क्या है?
विश्व बैंक की **'A Breath of Change'** रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण से भारत को प्रतिवर्ष **GDP के 3.5%** के बराबर आर्थिक हानि होती है और यह लगभग **21 लाख असमय मौतों** का कारण बनता है। **पराली जलाना** दिल्ली-NCR में **शीतकालीन प्रदूषण के 30%** के लिए जिम्मेदार है।
भारत के वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विश्व बैंक का '4Is फ्रेमवर्क' क्या है?
विश्व बैंक का **'4Is फ्रेमवर्क'** इंडो-गंगेटिक मैदानों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए चार स्तंभों पर आधारित है: **Information** यानी रियल-टाइम वायु गुणवत्ता निगरानी, **Incentives** यानी स्वच्छ ईंधन सब्सिडी और EV अपनाना, **Institutions** यानी राज्यों के बीच सीमा-पार सहयोग, और **Infrastructure** यानी ईंट भट्ठा आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा।
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण में पराली जलाने का क्या योगदान है?
**पराली जलाना** — मुख्यतः पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों द्वारा — **दिल्ली-NCR** में **शीतकालीन प्रदूषण के लगभग 30%** के लिए जिम्मेदार है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में वैकल्पिक तरीकों, किसानों को मुआवजे और मशीनों से अवशेष प्रबंधन में निवेश की सिफारिश की गई है।
विश्व बैंक की 'A Breath of Change' रिपोर्ट किस क्षेत्र पर केंद्रित है?
यह रिपोर्ट **इंडो-गंगेटिक मैदानों और हिमालयी तलहटी** पर केंद्रित है — भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में फैले उस विशाल क्षेत्र पर, जहां लगभग **एक अरब लोग** रहते हैं। भौगोलिक, मौसम-विज्ञान संबंधी और मानवजनित कारणों से इस क्षेत्र की वायु गुणवत्ता दुनिया में सबसे खराब स्तरों में गिनी जाती है।
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