राज्यसभा सांसद पी. विल्सन ने संविधान (संशोधन) विधेयक 2026 पेश किया, जिसमें उच्च न्यायपालिका में सामाजिक विविधता अनिवार्य करने और चेन्नई, मुंबई, कोलकाता में सुप्रीम कोर्ट की क्षेत्रीय पीठें स्थापित करने की माँग की गई है। आँकड़े बताते हैं कि 2018-2024 में 78% HC न्यायाधीश उच्च जातियों से थे; महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 14% रही।

सुप्रीम कोर्ट में केवल एक महिला न्यायाधीश है और धार्मिक अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी 5% से कम है। विधेयक का उद्देश्य समावेशी प्रतिनिधित्व के ज़रिए संस्थागत वैधता बढ़ाना है। इस निजी सदस्य विधेयक से कॉलेजियम प्रणाली और संवैधानिक संस्थाओं में सकारात्मक कार्रवाई पर बहस होने की उम्मीद है।