वाल्मीकि जयंती 2025, 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि की जयंती के रूप में मनाई गई। वे संस्कृत के पूज्य कवि और महाकाव्य रामायण के रचयिता हैं। संस्कृत साहित्य में आदि कवि (प्रथम कवि) के रूप में जाने जाने वाले महर्षि वाल्मीकि ने 24,000 श्लोकों के महाकाव्य की रचना की।

यह दिन कई भारतीय राज्यों में सरकारी अवकाश के रूप में मनाया जाता है। देश भर में विशेष प्रार्थना, जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजस्थानी राम कथा परंपरा और मेवाड़ के भक्ति साहित्य के ज़रिए राजस्थान की साहित्यिक परंपराओं का रामायण से गहरा नाता रहा है।