प्रकाशित: 6 अक्टूबर 2025India TV Newsशासन
वाल्मीकि जयंती 2025 7 अक्टूबर को मनाई गई; आदि कवि को श्रद्धांजलि
वाल्मीकि जयंती 2025, 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि की जयंती के रूप में मनाई गई। वे संस्कृत के पूज्य कवि और महाकाव्य रामायण के रचयिता हैं। संस्कृत साहित्य में आदि कवि (प्रथम कवि) के रूप में जाने जाने वाले महर्षि वाल्मीकि ने 24,000 श्लोकों के महाकाव्य की रचना की।
यह दिन कई भारतीय राज्यों में सरकारी अवकाश के रूप में मनाया जाता है। देश भर में विशेष प्रार्थना, जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजस्थानी राम कथा परंपरा और मेवाड़ के भक्ति साहित्य के ज़रिए राजस्थान की साहित्यिक परंपराओं का रामायण से गहरा नाता रहा है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: आदि कवि के रूप में महर्षि वाल्मीकि की साहित्यिक विरासत तथा भारत की संस्कृत परंपरा में वाल्मीकि जयंती के सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
वाल्मीकि जयंती 2025, 7 अक्टूबर को मनाई गई। यह संस्कृत साहित्य के आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती है, जिन्होंने चौबीस हजार श्लोकों वाली रामायण की रचना की। कई राज्य इसे शासकीय अवकाश मानते हैं, जहाँ प्रार्थना, शोभायात्रा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। राजस्थान की राम कथा परंपरा रामायण से गहरा जुड़ाव दर्शाती है।
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयविषयराष्ट्रीयपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · प्रारंभिकस्रोतIndia TV News
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
निपाह वायरस का प्राथमिक मेजबान जानवर कौन सा है?
व्याख्या · सही उत्तर Bफलाहारी चमगादड़ (Pteropus प्रजाति) निपाह वायरस के प्राथमिक स्रोत हैं।