प्रकाशित: 14 फ़रवरी 2026India TV Newsशासन
माघ मेला 2026 महाशिवरात्रि पर समाप्त; प्रयागराज में 18 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया
प्रयागराज में 44 दिवसीय माघ मेला 2026 महाशिवरात्रि, 15 फरवरी 2026 को समाप्त हुआ। संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम) के तट पर आयोजित इस मेले में पूरे सत्र के दौरान 18 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए, जो 12-15 करोड़ के प्रारंभिक अनुमान से कहीं अधिक था।
अंतिम दिन लाखों श्रद्धालुओं ने संगम पर समापन स्नान किया। पौष पूर्णिमा (3 जनवरी) से महाशिवरात्रि तक चलने वाला माघ मेला विश्व के सबसे बड़े और प्राचीन आध्यात्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: प्रयागराज में माघ मेला 2026 के आयोजन के सांस्कृतिक महत्व एवं प्रशासनिक चुनौतियों पर भागीदारी के पैमाने एवं तिथियों का उल्लेख करते हुए चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
प्रयागराज में गंगा, यमुना, सरस्वती के संगम पर 44-दिवसीय माघ मेला 2026 महाशिवरात्रि, 15 फरवरी 2026 को सम्पन्न हुआ। 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू हुए इस मेले में 18 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए, जो 12-15 करोड़ के प्रारंभिक अनुमान से कहीं अधिक था; उत्तर प्रदेश ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैनात की।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माघ मेला 2026 प्रयागराज में कितने श्रद्धालु आए और यह कब समाप्त हुआ?
**माघ मेला 2026** **महाशिवरात्रि, 15 फरवरी 2026** को समाप्त हुआ। **44 दिन** चला यह मेला पौष पूर्णिमा (3 जनवरी) से शुरू हुआ था। **18 करोड़ से अधिक श्रद्धालु** आए — प्रारंभिक अनुमान **12-15 करोड़** से कहीं अधिक।
प्रयागराज के संगम का माघ मेला 2026 में क्या महत्व है?
**प्रयागराज का संगम** तीन नदियों — **गंगा, यमुना और सरस्वती** (जो भूमिगत बहती मानी जाती है) — का मिलन स्थल है। यह हिंदू धर्म में सबसे पवित्र स्थलों में से एक है। माघ मेला विश्व के **सबसे बड़े और प्राचीनतम आध्यात्मिक आयोजनों** में गिना जाता है।
माघ मेला 2026 की तिथियाँ और अवधि क्या थी?
**माघ मेला 2026** **44 दिन** चला — **पौष पूर्णिमा (3 जनवरी 2026)** से **महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026)** तक। उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे आयोजन के दौरान **सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन** के व्यापक प्रबंध किए।
प्रयागराज माघ मेले को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में क्यों गिना जाता है?
**प्रयागराज माघ मेला** विश्व के **सबसे बड़े और प्राचीनतम आध्यात्मिक आयोजनों** में है क्योंकि अकेले 2026 में **18 करोड़ से अधिक** श्रद्धालु आए। गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम पर यह मेला पूरे भारत से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है।
2026 माघ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से कितनी अधिक रही और सुरक्षा के क्या प्रबंध थे?
**2026 माघ मेले** में **18 करोड़ से अधिक** श्रद्धालु आए, जो **12-15 करोड़** के प्रारंभिक अनुमान से काफी अधिक है। **उत्तर प्रदेश सरकार** ने 44 दिवसीय आयोजन के दौरान व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रणाली तैनात की।