जल जीवन मिशन (JJM) ने 81% कवरेज हासिल कर लिया है; अब 12.56 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक नल का पानी पहुंच चुका है — 2019 में मिशन शुरू होने पर यह केवल 17% था। कुल परियोजना लागत ₹8.69 लाख करोड़ है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अंतिम 19-20% कवरेज कहीं अधिक महंगा और चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि ये क्षेत्र दूरदराज और भौगोलिक रूप से कठिन इलाकों में हैं। JJM 2.0 को 10 मार्च 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश के साथ सुधारों से जुड़े MoU पर हस्ताक्षर हुए, जिससे राज्य सुधारों से जुड़े कार्यान्वयन ढांचे में औपचारिक रूप से शामिल हुआ।
जल जीवन मिशन की कवरेज 81% तक पहुंची; 12.56 करोड़ परिवार जुड़े
जल जीवन मिशन लगभग 81.8% कवरेज तक पहुंचा (लगभग 15.83 करोड़ परिवार; मिशन शुरू होने के बाद 12.59 करोड़ से अधिक अतिरिक्त परिवार); ₹8.69 लाख करोड़ की कुल लागत के साथ JJM 2.0 मंजूर।
मुख्य तथ्य
- Jal Jeevan Mission ने 81% कवरेज हासिल किया है; 12.56 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन मिल चुके हैं।
- जब मिशन अगस्त 2019 में शुरू हुआ था तब केवल 3.23 करोड़ (16.87%) परिवारों के पास नल जल था।
- 2028 तक सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचकर 100% कवरेज हासिल करने का लक्ष्य है।
- जल जीवन मिशन 2.0 को दिसंबर 2028 तक विस्तारित किया गया है।
- यह योजना ग्रामीण महिलाओं के समय और श्रम की बचत में सहायक रही है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनगणना 2027 के लिए कितनी राशि मंजूर की?
मंत्रिमंडल ने जनगणना 2027 के लिए ₹11,718.24 करोड़ मंजूर किए। यह जाति-गणना सहित भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जल जीवन मिशन की मौजूदा कवरेज कितनी है और कितने परिवार इससे जुड़े हैं?
**जल जीवन मिशन (JJM)** ने **81% कवरेज** हासिल कर ली है और अब **12.56 करोड़ ग्रामीण परिवारों** तक नल का पानी पहुंच चुका है। 2019 में मिशन शुरू होने पर केवल **17% कवरेज** थी, यानी छह वर्षों में लगभग **10.5 करोड़ नए कनेक्शन** जोड़े गए।
भारत में जल जीवन मिशन की कुल लागत कितनी है?
**जल जीवन मिशन (JJM)** की कुल परियोजना लागत **₹8.69 लाख करोड़** है। मिशन ने **81% कवरेज** (12.56 करोड़ परिवार) हासिल कर ली है; **2019 में यह 17% थी**। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि शेष **19–20% कवरेज** दूरदराज और भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों के कारण अनुपात से कहीं अधिक खर्चीली होगी।
JJM 2.0 क्या है और इसे कब मंजूरी दी गई?
**JJM 2.0** जल जीवन मिशन का दूसरा चरण है, जिसे **10 मार्च 2026 को केंद्रीय कैबिनेट** ने मंजूरी दी। **उत्तर प्रदेश के साथ सुधारों से जुड़े MoU** पर हस्ताक्षर हुए। JJM 2.0 से नल जल कनेक्शन से वंचित शेष **19–20% ग्रामीण परिवारों** को शामिल किए जाने की उम्मीद है।
2019 में शुरू होने पर जल जीवन मिशन की नल जल कवरेज कितनी थी?
**जल जीवन मिशन (JJM)** के **2019 में शुरू होने** के समय ग्रामीण भारत में नल जल कवरेज केवल **17%** थी। मार्च 2026 तक कवरेज बढ़कर **81%** हो गई — **12.56 करोड़ ग्रामीण परिवार** जुड़ गए — और कुल परियोजना लागत **₹8.69 लाख करोड़** है।
जल जीवन मिशन की आखिरी 19-20% कवरेज पहले 80% से अधिक महंगी क्यों है?
**जल जीवन मिशन** की अंतिम **19–20% कवरेज** अनुपात से कहीं अधिक खर्चीली है, क्योंकि ये परिवार **दूरदराज और भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों** — पहाड़ी क्षेत्रों, आदिवासी बेल्ट और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों — में हैं। इनके लिए प्रति परिवार आधारभूत ढांचे में कहीं अधिक निवेश चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस हिस्से पर पूरे **पहले 80% मिशन** से अधिक खर्च आ सकता है।
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