राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा 8 दिसंबर 2025 को लोकसभा में और उसके बाद 9, 10 और 11 दिसंबर को राज्यसभा में हुई। लोकसभा में 65 सदस्यों ने 11 घंटे 32 मिनट और राज्यसभा में 81 सदस्यों ने 12 घंटे 49 मिनट तक चर्चा में भाग लिया।

चर्चा में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की उस रचना को याद किया गया, जो पहली बार 7 नवंबर 1875 को बंगदर्शन में प्रकाशित हुई और बाद में 1882 में प्रकाशित उपन्यास आनंदमठ में शामिल की गई। इस गीत ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी दलों के सदस्यों ने राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में इसके महत्व को रेखांकित किया।