रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL) ने 9 जनवरी 2026 को हैदराबाद में अपनी स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट सुविधा में एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट फुल स्केल कम्बस्टर का सफल दीर्घ अवधि भू-परीक्षण किया। इंजन 12 मिनट से अधिक समय तक लगातार चला।

हाइपरसोनिक मिसाइलें मैक 5 (6,100 किमी/घंटा) से अधिक गति से चलती हैं और वायु-श्वसन स्क्रैमजेट इंजनों पर निर्भर करती हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम की 'ठोस नींव' बताया। सफल परीक्षण भारत को उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं वाले अग्रणी देशों की पंक्ति में लाता है। यह परीक्षण पहले की उपलब्धियों — जनवरी 2025 में 120 सेकंड और 25 अप्रैल 2025 को 1,000 सेकंड से अधिक के उप-पैमाने कम्बस्टर भू-परीक्षण — पर आधारित था।