प्रकाशित: 23 सितंबर 2025टॉपिक
सीपीसीबी ने 51वां स्थापना दिवस मनाया, समीर 2.0 वायु गुणवत्ता ऐप लॉन्च किया
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 22 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के परिवेश भवन में अपना 51वां स्थापना दिवस मनाया। इसी अवसर पर समीर 2.0 वायु गुणवत्ता निगरानी ऐप लॉन्च किया गया और पुणे तथा शिलांग स्थित क्षेत्रीय निदेशालयों में 2 नई प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया गया। परीक्षा की दृष्टि से यह खबर पर्यावरण शासन, प्रदूषण नियंत्रण तंत्र, डिजिटल सार्वजनिक सूचना और केंद्र-राज्य समन्वय से जुड़ती है।
समीर 2.0 का महत्व इसलिए है कि यह नागरिकों को वायु गुणवत्ता से जुड़ा रियल-टाइम डेटा, बेहतर इंटरफेस, व्यक्तिगत अलर्ट, स्थान-आधारित सेवाएं और अधिक नागरिक भागीदारी की सुविधा देता है। इससे प्रदूषण की स्थिति पर नज़र रखना केवल सरकारी निगरानी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम नागरिक भी अपने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को समझ सकते हैं। ऐप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध कराया जाना था।
क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं का पहलू प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा, दोनों के लिए उपयोगी है। पुणे की प्रयोगशाला 70 पर्यावरणीय पैरामीटर तक और शिलांग की प्रयोगशाला 62 पर्यावरणीय पैरामीटर तक निगरानी करने में सक्षम बताई गई। पुणे प्रयोगशाला महाराष्ट्र को और शिलांग प्रयोगशाला मणिपुर, असम, मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे उत्तर-पूर्वी राज्यों को सेवा देगी। इससे क्षेत्रीय स्तर पर डेटा, परीक्षण और नियामक क्षमता मजबूत होती है।
स्टैटिक जीके के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण से जोड़कर पढ़ना चाहिए। यह बोर्ड प्रदूषण मानकों, निगरानी, तकनीकी रिपोर्टों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ समन्वय में अहम भूमिका निभाता है। मुख्य परीक्षा में इस उदाहरण का उपयोग पर्यावरणीय नियमन, नागरिक-केंद्रित डेटा, संस्थागत क्षमता और प्रदूषण नियंत्रण में विज्ञान, तकनीक तथा समाज के व्यवहार में बदलाव के संबंध पर लिखे उत्तरों में किया जा सकता है।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराष्ट्रीयप्रकारपहलविषयविज्ञान-प्रौद्योगिकीपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनों
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नमध्यम
नवंबर 2025 में दिल्ली AQI 400 पार करने पर GRAP का कौन सा चरण लागू किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर CGRAP चरण III ('गंभीर' AQI 401-450) 11 नवंबर 2025 को लागू किया गया, जब दिल्ली का AQI 400 को पार कर 425 तक पहुंच गया। चरण IV ('अति गंभीर' AQI >450) बाद में 13 दिसंबर 2025 को ही लागू किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
समीर 2.0 क्या है?
समीर 2.0 केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अपडेटेड वायु गुणवत्ता निगरानी ऐप है। इसे 22 सितंबर 2025 को बोर्ड के 51वें स्थापना दिवस पर लॉन्च किया गया। इसमें बेहतर इंटरफेस, व्यक्तिगत अलर्ट, स्थान-आधारित सेवाएं और नागरिक भागीदारी को मजबूत करने वाली सुविधाएं शामिल हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपना 51वां स्थापना दिवस कब और कहां मनाया?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपना 51वां स्थापना दिवस 22 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के परिवेश भवन में मनाया। इसी कार्यक्रम में समीर 2.0 ऐप लॉन्च किया गया और क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं का उद्घाटन हुआ।
पुणे और शिलांग की नई प्रयोगशालाओं का परीक्षा की दृष्टि से क्या महत्व है?
पुणे प्रयोगशाला 70 और शिलांग प्रयोगशाला 62 पर्यावरणीय पैरामीटर तक निगरानी करने में सक्षम बताई गई। पुणे सुविधा महाराष्ट्र को और शिलांग सुविधा उत्तर-पूर्वी राज्यों को सेवा देगी, इसलिए यह क्षेत्रीय पर्यावरणीय निगरानी और नियामक क्षमता से जुड़ा उदाहरण है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्टैटिक जीके में कैसे पढ़ना चाहिए?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरणीय मानक, प्रदूषण निगरानी, तकनीकी रिपोर्टों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ समन्वय के संदर्भ में पढ़ना चाहिए।
समीर 2.0 नागरिकों के लिए क्यों उपयोगी है?
समीर 2.0 नागरिकों को वायु गुणवत्ता से जुड़ा रियल-टाइम डेटा, स्थान-आधारित सेवाएं और अलर्ट उपलब्ध कराता है। इससे लोग अपने क्षेत्र की प्रदूषण स्थिति पर नज़र रख सकते हैं और वायु गुणवत्ता को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।