वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के लिए PSB मंथन 2025 आयोजित किया और उन्हें अपना आकार, लाभप्रदता तथा पूंजी पर्याप्तता बढ़ाने के लिए तीन वर्षीय रणनीतिक रोडमैप अपनाने का निर्देश दिया। इस पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी अपनाकर, डिजिटल बैंकिंग का विस्तार करके और शासन व्यवस्था सुधारकर इन बैंकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वित्तीय संस्थान बनाना है। बैंकों से उत्पादक क्षेत्रों को ज़्यादा ऋण देने, वित्तीय समावेशन बढ़ाने और जोखिम प्रबंधन मज़बूत करने को कहा गया। यह निर्देश ऐसे समय आया है जब कम गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) और मज़बूत पूंजी भंडार के कारण इन बैंकों की वित्तीय स्थिति सुधरी है। वित्त वर्ष 2025-26 से 2027-28 तक के रोडमैप में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को ऋण, हरित वित्त तथा कृषि ऋण पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि भारत के 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के साथ तालमेल रखा जा सके।
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) को PSB मंथन 2025 में तीन वर्षीय रणनीतिक रोडमैप अपनाने का निर्देश दिया
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) को PSB मंथन 2025 में लाभप्रदता बढ़ाने और डिजिटल बदलाव के लिए 3 वर्षीय रणनीतिक रोडमैप अपनाने का निर्देश दिया।
मुख्य तथ्य
- वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने PSB मंथन 2025 आयोजित किया और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) को वित्त वर्ष 2025-26 से 2027-28 तक के लिए तीन वर्षीय रणनीतिक रोडमैप अपनाने का निर्देश दिया।
- प्रौद्योगिकी अपनाकर और डिजिटल बैंकिंग का विस्तार करके PSB का आकार, लाभप्रदता और पूंजी पर्याप्तता बढ़ाने का लक्ष्य है।
- बैंकों से उत्पादक क्षेत्रों को ज़्यादा ऋण देने, वित्तीय समावेशन बढ़ाने और जोखिम प्रबंधन मज़बूत करने को कहा गया।
- कम गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) और मज़बूत पूंजी भंडार के कारण PSB की वित्तीय स्थिति सुधरी है।
- यह रोडमैप भारत के 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के अनुरूप है और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को ऋण, हरित वित्त तथा कृषि ऋण पर केंद्रित है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: PSB मंथन 2025 के उद्देश्यों का मूल्यांकन कीजिए और बताइए कि तीन वर्षीय रणनीतिक रोडमैप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थान बनाने में कैसे सहायक हो सकते हैं।
उत्तर (50 शब्द):
वित्तीय सेवा विभाग ने PSB मंथन 2025 आयोजित करके सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निकट अवधि की प्राथमिकताएँ तय करने और विकसित भारत 2047 की दीर्घकालीन दिशा में आगे बढ़ने को कहा। इसका उद्देश्य डिजिटल बैंकिंग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को ऋण, हरित वित्त तथा कृषि ऋण के ज़रिए आकार, लाभप्रदता और पूंजी पर्याप्तता बढ़ाना, जोखिम प्रबंधन मज़बूत करना और भारत के 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य से तालमेल रखना है।
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सितंबर 2025 में राजस्थान का नया मुख्य राज्य निर्वाचन आयुक्त किसे नियुक्त किया गया?
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने 17 सितंबर को सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राजेश्वर सिंह को मधुकर गुप्ता के उत्तराधिकारी के रूप में राज्य निर्वाचन आयोग का प्रमुख नियुक्त किया।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PSB मंथन 2025 क्या है और सरकार ने क्या रणनीतिक निर्देश दिए?
**PSB मंथन 2025** वित्तीय सेवा विभाग की ओर से हर साल आयोजित होने वाली रणनीतिक बैठक है, जिसमें **सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी** भाग लेते हैं। 2025 में सरकार ने PSB को डिजिटल बदलाव, ऋण-वृद्धि के लक्ष्य और वित्तीय समावेशन पर केंद्रित **तीन वर्षीय रणनीतिक रोडमैप** अपनाने का निर्देश दिया।
PSB के लिए अनिवार्य तीन वर्षीय रणनीतिक रोडमैप के प्रमुख तत्व क्या हैं?
**तीन वर्षीय रणनीतिक रोडमैप** में कोर बैंकिंग समाधान (CBS) का उन्नयन और मोबाइल बैंकिंग का विस्तार, कृषि तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को प्राथमिकता क्षेत्र के तहत ऋण देने के लक्ष्य, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) में कमी, पूंजी पर्याप्तता में सुधार और बासेल III मानकों के अनुरूप लाभप्रदता के लक्ष्य शामिल हैं।
भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में NPA की वर्तमान स्थिति क्या है?
भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में **सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) अनुपात** 2018 में लगभग 11.5% के उच्चतम स्तर से घटकर 2025 तक करीब **3-4%** रह गया। यह सुधार दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के तहत वसूली, ऋणों को बट्टे खाते में डालने और बेहतर ऋण मूल्यांकन से आया।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की देखरेख में वित्तीय सेवा विभाग की क्या भूमिका है?
वित्त मंत्रालय के तहत **वित्तीय सेवा विभाग (DFS)** सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन फंड से जुड़ी नीतियों की देखरेख करता है। यह PSB के प्रदर्शन, पुनर्पूंजीकरण के लिए दी जाने वाली पूंजी, PSB मंथन में तय रणनीतिक दिशा और वित्तीय समावेशन योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करता है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कौन-सी प्रमुख वित्तीय समावेशन योजनाएँ लागू कर रहे हैं?
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक इन प्रमुख योजनाओं को लागू करते हैं: **प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY; 50+ करोड़ खाते)**, **प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY; दुर्घटना बीमा)**, **प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY; जीवन बीमा)**, **अटल पेंशन योजना (APY)**, **सूक्ष्म उद्यमों के लिए मुद्रा ऋण (MUDRA)**, **स्टैंड-अप इंडिया (SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए)** तथा **प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi; रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए)**।
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