संसद का बजट सत्र 2026, 28 जनवरी 2026 को शुरू हुआ और 18 अप्रैल 2026 को दोनों सदनों के अनिश्चितकालीन स्थगन के साथ पूरा हुआ। इस पूरे सत्र में 31 बैठकें हुईं। इसका पहला हिस्सा 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चला, फिर संसद का अवकाश हुआ, ताकि विभाग-संबंधित स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से जुड़ी अनुदान की मांगों की जांच कर सकें। इसके बाद दूसरा हिस्सा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक और तीसरा हिस्सा 16 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक चला।
यह साल का पहला सत्र था, इसलिए राष्ट्रपति ने 28 जनवरी 2026 को संविधान के अनुच्छेद 87(1) के तहत दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित किया। ऐसे अभिभाषण में सरकार अपनी व्यापक नीति दिशा और विधायी एजेंडा रखती है। इस सत्र में नए आयकर अधिनियम से जुड़ा एजेंडा भी महत्वपूर्ण रहा, इसलिए यह विषय अर्थव्यवस्था और राजव्यवस्था, दोनों की तैयारी में उपयोगी है।
परीक्षा की दृष्टि से बजट सत्र को केवल एक तारीख-आधारित करेंट अफ़ेयर्स घटना की तरह नहीं पढ़ना चाहिए। इससे संसद की वित्तीय भूमिका, राष्ट्रपति के अभिभाषण, धन्यवाद प्रस्ताव, अनुदान की मांगों, विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक जैसे विषय जुड़ते हैं। केंद्रीय बजट को संविधान के अनुच्छेद 112 में वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में समझा जाता है, जबकि अनुच्छेद 113 व्यय की संसदीय स्वीकृति से जुड़ा है। प्रारंभिक परीक्षा में तारीख, चरण, बैठकों की संख्या और संवैधानिक प्रावधान पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में संसद की वित्तीय जवाबदेही, विधायी संवीक्षा और कार्यपालिका पर संसदीय नियंत्रण पर प्रश्न बन सकता है।
