अमित शाह ने जनगणना 2027 के शुभंकर 'प्रगति' और 'विकास' का अनावरण किया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पेश किए
Aसीधा उत्तर
अमित शाह ने जनगणना 2027 के शुभंकर 'प्रगति' और 'विकास' का अनावरण किया। जनगणना 2027 भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी और इसमें ऐप से स्व-गणना की सुविधा मिलेगी।
मुख्य तथ्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 मार्च 2026 को आगामी जनगणना 2027 के लिए दो शुभंकर—'प्रगति' (महिला प्रगणक) और 'विकास' (पुरुष प्रगणक)—का अनावरण किया।
भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना के लिए चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म शुरुआती तौर पर पेश किए गए। इसमें मोबाइल ऐप से स्व-गणना की सुविधा होगी।
जनगणना 2027 स्व-गणना की सुविधा देने वाली पहली भारतीय जनगणना होगी। यह सुविधा पारंपरिक घर-घर गणना के साथ उपलब्ध होगी।
पिछली जनगणना 2011 में हुई थी; 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित हो गई थी।
डिजिटल उपकरण भारत के 6,40,000 से अधिक गांवों में वास्तविक समय में आँकड़े जुटाने और उनकी गुणवत्ता की निगरानी करने में मदद करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 मार्च 2026 को आगामी जनगणना 2027 के लिए दो शुभंकर—'प्रगति' (महिला प्रगणक) और 'विकास' (पुरुष प्रगणक)—का अनावरण किया। उन्होंने भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना के लिए चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म भी शुरुआती तौर पर पेश किए। इनमें स्व-गणना, मोबाइल ऐप और निगरानी के उन्नत उपकरण शामिल हैं।
ये शुभंकर राष्ट्र निर्माण में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी के प्रतीक हैं। जनगणना 2027 पहली भारतीय जनगणना होगी, जिसमें पारंपरिक घर-घर गणना के साथ मोबाइल ऐप से स्व-गणना की सुविधा भी मिलेगी। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी; 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित हो गई थी। डिजिटल उपकरण भारत के 6,40,000 से अधिक गांवों में वास्तविक समय में आँकड़े जुटाने और उनकी गुणवत्ता की निगरानी करने में मदद करेंगे।
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मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जनगणना 2027 की प्रमुख विशेषताओं और भारत में साक्ष्य-आधारित शासन के लिए इसके निहितार्थों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
5 मार्च 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना 2027 के शुभंकर 'प्रगति' और 'विकास' का अनावरण किया तथा चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म शुरुआती तौर पर पेश किए। इनके उपयोग से भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। 6.4 लाख से अधिक गांवों में मोबाइल ऐप से स्व-गणना, घर-घर जाकर होने वाली गणना की पूरक होगी। 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण स्थगित हुई थी।
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अमित शाह ने जनगणना 2027 के लिए किन शुभंकरों का अनावरण किया?
केंद्रीय गृह मंत्री **अमित शाह** ने **5 मार्च 2026** को दो शुभंकरों—**'प्रगति'** (महिला प्रगणक) और **'विकास'** (पुरुष प्रगणक)—का अनावरण किया। ये जनगणना 2027 के लिए राष्ट्र निर्माण में महिलाओं और पुरुषों की समान भागीदारी के प्रतीक हैं।
जनगणना 2027 के लिए कितने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म शुरू किए गए और यह खास क्यों है?
जनगणना 2027 के लिए **चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म** शुरुआती तौर पर पेश किए गए। यह भारत की **पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना** होगी। इसमें पारंपरिक घर-घर गणना के साथ **मोबाइल ऐप** से स्व-गणना की सुविधा मिलेगी और भारत के **6,40,000 से अधिक गांवों** में वास्तविक समय में आँकड़ों की निगरानी की जा सकेगी।
भारत की पिछली जनगणना कब हुई थी और 2021 की जनगणना क्यों स्थगित हुई?
भारत की पिछली जनगणना **2011** में हुई थी। 2021 की जनगणना **कोविड-19 के कारण स्थगित** हो गई थी और अभी तक नहीं हुई है, इसलिए **2027 की जनगणना** 16 वर्षों में पहली जनगणना होगी।
जनगणना 2027 में स्व-गणना की सुविधा का क्या महत्व है?
जनगणना 2027 **स्व-गणना की सुविधा देने वाली पहली भारतीय जनगणना** होगी। नागरिक **मोबाइल ऐप** से अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। घर-घर जाकर होने वाली पारंपरिक गणना के साथ इस व्यवस्था से पूरे देश में जनगणना की सटीकता और पहुँच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जनगणना 2027 के शुभंकर प्रगति और विकास के साथ कौन-से डिजिटल उपकरण पेश किए गए?
शुभंकरों के साथ चार डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पेश किए गए। इनमें स्व-गणना के लिए **मोबाइल ऐप**, वास्तविक समय में आँकड़े जुटाने के उपकरण और गुणवत्ता पर नज़र रखने की प्रणालियाँ शामिल हैं। इनका उद्देश्य भारत के **6,40,000 से अधिक गांवों** में जनगणना के आँकड़े तेज़ी से और अधिक सटीकता से जुटाना है।
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