भारत सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 अधिसूचित किए, जिससे डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 का पूर्ण क्रियान्वयन शुरू हुआ। अधिनियम और नियम डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के जिम्मेदार उपयोग के लिए नागरिक-केंद्रित ढाँचा बनाते हैं, जिसमें डेटा प्रत्ययियों के दायित्व और डेटा प्रधानों के अधिकार शामिल हैं। इस ढाँचे की केंद्रीय संस्था भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड है, जो अनुपालन की निगरानी करता है, उल्लंघनों की जाँच करता है और सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करता है। नियम पूरी तरह डिजिटल ढंग से काम करने वाले बोर्ड, ऑनलाइन शिकायत, सहमति सूचना, सहमति प्रबंधक, डेटा उल्लंघन सूचना और डेटा प्रधानों के अनुरोधों पर समयबद्ध उत्तर की व्यवस्था करते हैं। उचित सुरक्षा उपाय न रखने पर अधिकतम शास्ति 250 करोड़ रुपये तक हो सकती है। आधिकारिक दूरसंचार आँकड़ों के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक भारत में 101.78 करोड़ इंटरनेट ग्राहक थे।
सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 अधिसूचित किए
भारत सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 अधिसूचित किए, जिससे डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 का पूर्ण क्रियान्वयन शुरू हुआ। इस ढाँचे में भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड, सहमति प्रबंधन से जुड़े प्रावधान, डिजिटल कार्यवाही और निर्धारित उल्लंघनों पर 250 करोड़ रुपये तक की शास्ति शामिल है।
मुख्य तथ्य
- भारत सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 अधिसूचित किए, जिससे डीपीडीपी अधिनियम, 2023 का पूर्ण क्रियान्वयन शुरू हुआ।
- भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड अनुपालन की निगरानी, उल्लंघनों की जाँच और सुधारात्मक उपायों में भूमिका निभाता है।
- नियमों में सहमति संबंधी सूचना, सहमति प्रबंधक, डेटा उल्लंघन की सूचना, बोर्ड की डिजिटल रूप से होने वाली कार्यवाही और डेटा प्रधानों के अनुरोधों की समयसीमा शामिल है।
- उचित सुरक्षा उपाय न रखने पर अधिकतम शास्ति 250 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
- आधिकारिक दूरसंचार आँकड़ों के अनुसार 30 सितंबर 2025 तक भारत में 101.78 करोड़ इंटरनेट ग्राहक थे।
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डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 किस मूल कानून के प्रमुख अनुपालन और प्रवर्तन प्रावधानों को लागू करते हैं?
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 को लागू करने की संचालन-व्यवस्था देते हैं। इनमें अनुपालन, उपयोगकर्ता अधिकारों, डेटा फिड्यूशरी के दायित्वों और डेटा संरक्षण ढांचे के कामकाज से जुड़ी प्रक्रियाएँ और समयसीमाएँ दी गई हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डीपीडीपी ढाँचे के तहत सरकार ने क्या अधिसूचित किया?
सरकार ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 अधिसूचित किए, जिससे डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 का पूर्ण क्रियान्वयन शुरू हुआ।
भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड की भूमिका क्या है?
बोर्ड अनुपालन की निगरानी करता है, व्यक्तिगत डेटा उल्लंघनों की जाँच करता है, सुधारात्मक उपायों में भूमिका निभाता है और डिजिटल प्रक्रिया को प्राथमिकता देकर काम करता है।
इस ढाँचे में अधिकतम शास्ति कितनी है?
उचित सुरक्षा उपाय न रखने पर डेटा प्रत्ययी पर अधिकतम 250 करोड़ रुपये तक की शास्ति लग सकती है।
यहाँ उपयोग किए गए नवीनतम आधिकारिक आँकड़े के अनुसार भारत में कितने इंटरनेट ग्राहक हैं?
आधिकारिक आँकड़े बताते हैं कि 30 सितंबर 2025 तक भारत में 101.78 करोड़ इंटरनेट ग्राहक थे।
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