वैज्ञानिकों ने असम के गोलपारा जिले में भूजल में रहने वाली मछली की एक नई दृष्टिहीन प्रजाति 'गिचक नकाना' खोजी है। यह पूर्वोत्तर भारत में भूजल में रहने वाली मछली का पहला दर्ज उदाहरण है। यह छोटी, पारभासी लाल मछली लगभग 2 सेमी लंबी है और पूरी तरह दृष्टिहीन होने, रंजकता की कमी तथा खोपड़ी की छत न होने जैसे विशिष्ट भूमिगत अनुकूलन दिखाती है।

यह खोज मार्च 2026 की शुरुआत में एक सहकर्मी-समीक्षित पत्रिका में प्रकाशित हुई। इससे पूर्वोत्तर भारत की जलभृत प्रणालियों में छिपी अज्ञात जैव विविधता रेखांकित होती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि भूमिगत जल प्रणालियों में अलग-थलग रहने के कारण यह मछली भूजल प्रदूषण और अत्यधिक दोहन के प्रति बहुत संवेदनशील है; इसलिए जलभृतों के संरक्षण की आवश्यकता और स्पष्ट हो जाती है।