भारत और वियतनाम ने 7 मई 2026 को वियतनाम के कम्युनिस्ट पार्टी केंद्रीय समिति के महासचिव एवं राष्ट्रपति टू लाम की 5 से 7 मई 2026 तक की राजकीय यात्रा के समापन पर उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर संयुक्त वक्तव्य जारी किया। टू लाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए थे। दोनों पक्षों ने 2016 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को औपचारिक रूप से उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया और 2030 तक 25 अरब डॉलर का नया द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य घोषित किया, जो वर्तमान 16 अरब डॉलर के व्यापार से काफी अधिक है। कुल 13 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए जिनमें IREL इंडिया और वियतनाम के रेडियोधर्मी एवं दुर्लभ तत्व प्रौद्योगिकी संस्थान के बीच दुर्लभ मृदा तत्वों पर सहयोग, 2026 से 2030 तक का सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, वियतनामी विश्वविद्यालयों में ICCR भारत अध्ययन पीठें, नालंदा विश्वविद्यालय और हो ची मिन्ह राष्ट्रीय राजनीतिक अकादमी के बीच क्षमता निर्माण सहयोग, पर्यटन, UPI से जुड़ाव के जरिए डिजिटल भुगतान, सीमा शुल्क सहयोग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आपदा प्रबंधन शामिल हैं। नेताओं ने समुद्री क्षेत्र को एक प्रमुख स्तंभ बताया और नियमित समुद्री सुरक्षा संवाद की आवश्यकता पर बल दिया तथा अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित खुले, स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की पुनः पुष्टि की। संयुक्त वक्तव्य में वियतनाम को भारत की एक्ट ईस्ट नीति, विजन MAHASAGAR और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का प्रमुख स्तंभ माना गया तथा यह उल्लेख किया गया कि 2026 व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगांठ है।
भारत और वियतनाम ने 6 मई 2026 को संयुक्त वक्तव्य जारी कर रिश्तों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचाया; 13 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर और 2030 तक 25 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य निर्धारित
6 मई 2026 को भारत-वियतनाम संबंध उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचे; राष्ट्रपति टू लाम की राजकीय यात्रा के दौरान 13 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और 2030 तक 25 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य रखा गया।
मुख्य तथ्य
- संयुक्त वक्तव्य 6 मई 2026 को राष्ट्रपति टू लाम की राजकीय यात्रा (5-7 मई 2026) के दौरान जारी हुआ
- द्विपक्षीय संबंध 2016 की व्यापक रणनीतिक साझेदारी से उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाए गए
- 13 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें दुर्लभ मृदा तत्व (IREL-Vietnam ITRRE), संस्कृति, पर्यटन, डिजिटल भुगतान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शामिल हैं
- 2030 तक 25 अरब डॉलर का नया व्यापार लक्ष्य घोषित; वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार 16 अरब डॉलर तक पहुंचा है
- वियतनाम को भारत की एक्ट ईस्ट नीति, विजन MAHASAGAR और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का प्रमुख स्तंभ माना गया; 2026 व्यापक रणनीतिक साझेदारी की 10वीं वर्षगांठ
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6 मई 2026 को जारी भारत-वियतनाम संयुक्त वक्तव्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:\n1. दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचाया।\n2. 2030 के लिए 25 अरब डॉलर का नया द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य घोषित किया गया।\n3. यह संयुक्त वक्तव्य वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह की भारत राजकीय यात्रा के दौरान जारी किया गया।\nऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
कथन 1 और 2 सही हैं। भारत और वियतनाम ने संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया और 2030 तक 25 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया। कथन 3 गलत है क्योंकि यह यात्रा वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी केंद्रीय समिति के महासचिव एवं राष्ट्रपति टू लाम की थी, प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह की नहीं।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
7 मई 2026 को भारत और वियतनाम ने किस स्तर की साझेदारी की घोषणा की?
7 मई 2026 को जारी संयुक्त वक्तव्य में दोनों देशों ने अपने संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ा दिया।
राष्ट्रपति टू लाम की राजकीय यात्रा के दौरान कितने समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए?
दुर्लभ मृदा, संस्कृति, पर्यटन, डिजिटल भुगतान, शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सीमा शुल्क और आपदा प्रबंधन से जुड़े कुल 13 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए।
दोनों पक्षों ने कौन सा द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया?
उन्होंने 2030 तक 25 अरब डॉलर का नया द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य घोषित किया, जो वर्तमान 16 अरब डॉलर के व्यापार से अधिक है।
भारत की व्यापक क्षेत्रीय रणनीति में वियतनाम की क्या भूमिका है?
वियतनाम को भारत की एक्ट ईस्ट नीति, विजन MAHASAGAR और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का एक प्रमुख स्तंभ माना गया, जिसमें समुद्री सहयोग पर ज़ोर है।
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