दिसंबर 2025 की शुरुआत में राजस्थान, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत 5.46 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं की मतदाता सूचियों का 100% डिजिटलीकरण पूरा करने वाला भारत का पहला राज्य बना। मतदाता सूची की हर प्रविष्टि को डिजिटलीकृत कर सत्यापित किया गया, जबकि 97% से अधिक मतदाताओं की जियो-मैपिंग पूरी हो चुकी थी। मतदाता सूचियों में कोई कागज़ी या आंशिक रूप से डिजिटलीकृत प्रविष्टि शेष नहीं थी। विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूचियों को व्यवस्थित रूप से सुधारने और सत्यापित करने के लिए ECI द्वारा चलाया जाने वाला राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है। इसमें दोहरी प्रविष्टियाँ और मृत मतदाताओं के नाम हटाना, नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना—खासकर 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों के, जो पहली बार मतदाता बने हैं—और मतदाता संबंधी जानकारी की त्रुटियाँ सुधारना शामिल है। SIR के अंतर्गत डिजिटल जियो-मैपिंग से मतदाता को उसके सही मतदान बूथ से सटीक रूप से जोड़ा जाता है। इससे मतदाता प्रबंधन बेहतर होता है, धोखाधड़ी का पता लगाने और मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) को आधार से जोड़ने में मदद मिलती है। राजस्थान की इस उपलब्धि में 200 विधानसभा क्षेत्र, 33 ज़िले और 51,000 से अधिक मतदान केंद्र शामिल थे। राज्य का भौगोलिक क्षेत्र बहुत बड़ा है और यहाँ ग्रामीण मतदाताओं का अनुपात भी अधिक है, इसलिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है। राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने इसका श्रेय लक्षित जागरूकता अभियानों, ज़िला प्रशासन के सहयोग और घर-घर सत्यापन के लिए मोबाइल ऐप के उपयोग को दिया। सभी राज्यों के लिए तय SIR-2026 की समय सीमा से पहले यह उपलब्धि हासिल कर राजस्थान ने चुनाव प्रशासन में सुधार का आदर्श प्रस्तुत किया।
राजस्थान भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत मतदाता सूचियों का 100% डिजिटलीकरण पूरा करने वाला पहला राज्य बना
दिसंबर 2025 की शुरुआत में राजस्थान, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत 5.46 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं की मतदाता सूचियों का 100% डिजिटलीकरण पूरा करने वाला भारत का पहला राज्य बना। मतदाता सूची की हर प्रविष्टि को डिजिटलीकृत कर सत्यापित किया गया, जबकि 97% से अधिक मतदाताओं की जियो-मैपिंग पूरी हो चुकी थी। मतदाता सूचियों में कोई कागज़ी या आंशिक रूप से डिजिटलीकृत प्रविष्टि शेष नहीं थी। विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूचियों को व्यवस्थित रूप से सुधारने और सत्यापित करने के लिए ECI द्वारा चलाया जाने वाला राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है। इसमें दोहरी प्रविष्टियाँ और मृत मतदाताओं के नाम हटाना, नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना—खासकर 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन लोगों के, जो पहली बार मतदाता बने हैं—और मतदाता संबंधी जानकारी की त्रुटियाँ सुधारना शामिल है। SIR के अंतर्गत डिजिटल जियो-मैपिंग से मतदाता को उसके सही मतदान बूथ से सटीक रूप से जोड़ा जाता है। इससे मतदाता प्रबंधन बेहतर होता है, धोखाधड़ी का पता लगाने और मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) को आधार से जोड़ने में मदद मिलती है। राजस्थान की इस उपलब्धि में 200 विधानसभा क्षेत्र, 33 ज़िले और 51,000 से अधिक मतदान केंद्र शामिल थे। राज्य का भौगोलिक क्षेत्र बहुत बड़ा है और यहाँ ग्रामीण मतदाताओं का अनुपात भी अधिक है, इसलिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है। राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने इसका श्रेय लक्षित जागरूकता अभियानों, ज़िला प्रशासन के सहयोग और घर-घर सत्यापन के लिए मोबाइल ऐप के उपयोग को दिया। सभी राज्यों के लिए तय SIR-2026 की समय सीमा से पहले यह उपलब्धि हासिल कर राजस्थान ने चुनाव प्रशासन में सुधार का आदर्श प्रस्तुत किया।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान ने 33 ज़िलों और 51,000 से अधिक मतदान केंद्रों से जुड़े सभी 5.46 करोड़ मतदाता अभिलेखों को डिजिटलीकृत किया।
- मतदाता सूची की हर प्रविष्टि को डिजिटलीकृत कर सत्यापित किया गया, जबकि 97% से अधिक मतदाताओं को उनके मतदान केंद्रों से जियो-मैप किया जा चुका था।
- मतदाता सूचियों में कोई कागज़ी या आंशिक रूप से डिजिटलीकृत प्रविष्टि शेष नहीं थी।
- डिजिटल जियो-मैपिंग से मतदाता प्रबंधन बेहतर होता है और धोखाधड़ी का पता लगाने में मदद मिलती है।
- सटीक पहचान के लिए राज्य के मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) को आधार से जोड़ा जा रहा है।
- राजस्थान ने सभी राज्यों के लिए तय विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 की समय सीमा से पहले यह उपलब्धि हासिल की।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत मतदाता सूचियों का 100% डिजिटलीकरण चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता कैसे बढ़ाता है और भारत में चुनाव प्रशासन सुधार का आदर्श कैसे प्रस्तुत करता है?
उत्तर (50 शब्द):
दिसंबर 2025 की शुरुआत में राजस्थान SIR-2026 के अंतर्गत सभी 5.46 करोड़ मतदाता प्रविष्टियों को डिजिटलीकृत करने वाला भारत का पहला राज्य बना। 200 विधानसभा क्षेत्रों, 33 ज़िलों और 51,000 मतदान केंद्रों में 97% से अधिक मतदाताओं की जियो-मैपिंग से धोखाधड़ी की जाँच और मतदाता फोटो पहचान पत्र को आधार से जोड़ने में मदद मिली।
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SIR 2026 अभ्यास के तहत मतदाता सूची का 100% डिजिटलीकरण पूरा करने वाला भारत का पहला राज्य कौन सा बना?
राजस्थान भारत का पहला राज्य बना जिसने ECI द्वारा संचालित SIR 2026 अभ्यास के तहत 5.46 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं की मतदाता सूची का 100% डिजिटलीकरण किया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत राजस्थान ने क्या उपलब्धि हासिल की?
राजस्थान 5.46 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं की मतदाता सूचियों का 100% डिजिटलीकरण पूरा करने वाला भारत का पहला राज्य बना। ये मतदाता 33 ज़िलों और 51,000 से अधिक मतदान केंद्रों में दर्ज थे।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कौन कराता है और इसका उद्देश्य क्या है?
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को व्यवस्थित रूप से सुधारना और सत्यापित करना है। इसमें दोहरी प्रविष्टियाँ हटाना और मतदाताओं को मतदान केंद्रों से जियो-मैप करना भी शामिल है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत राजस्थान में मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) को लेकर क्या कदम उठाया जा रहा है?
राजस्थान में मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) को मतदाताओं की सटीक पहचान और दोहरी या धोखाधड़ी वाली प्रविष्टियों को हटाने के लिए आधार से जोड़ा जा रहा है।
राजस्थान में मतदाता प्रविष्टियों की डिजिटल जियो-मैपिंग का क्या महत्व है?
डिजिटल जियो-मैपिंग में हर मतदाता प्रविष्टि को एक निश्चित मतदान केंद्र से जोड़ा जाता है। इससे मतदाता प्रबंधन बेहतर होता है, धोखाधड़ी रोकने में मदद मिलती है और चुनाव प्रशासन सुचारु होता है।
राजस्थान ने मतदाता सूचियों का 100% डिजिटलीकरण कब पूरा किया और इसमें कितने मतदाता शामिल हैं?
राजस्थान ने दिसंबर 2025 की शुरुआत में 5.46 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं की मतदाता सूचियों का 100% डिजिटलीकरण पूरा किया। यह उपलब्धि सभी राज्यों के लिए तय विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 की समय सीमा से पहले हासिल की गई।
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