यूनेस्को ने 27 सितंबर 2025 को चीन के हांगझोउ में आयोजित 5वीं विश्व बायोस्फीयर रिजर्व कांग्रेस में हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी के शीत मरुस्थल बायोस्फीयर रिजर्व को भारत के 13वें यूनेस्को बायोस्फीयर रिजर्व के रूप में नामित किया। यह रिजर्व 3,300 से 6,600 मीटर की ऊँचाई पर 7,770 वर्ग किमी में फैला है।

यह इतनी ऊँचाई पर स्थित भारत का पहला शीत मरुस्थल बायोस्फीयर रिजर्व है और यूनेस्को के विश्व नेटवर्क के सबसे ठंडे पारितंत्रों में से एक है। यहाँ 732 संवहनी पादप प्रजातियाँ हैं, जिनमें 30 स्थानिक हैं। हिम तेंदुआ इसके प्रमुख वन्यजीवों में शामिल है। इसके दायरे में पिन वैली राष्ट्रीय उद्यान, चंद्रताल, सरचू और किब्बर वन्यजीव अभयारण्य आते हैं।